Himachal News: धर्मशाला के गवर्नमेंट कॉलेज में बीए छात्रा पल्लवी की संदिग्ध मौत मामले में सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोपों के बाद की गई है।
एक्शन में सरकार और शिक्षा विभाग
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने तुरंत निलंबन आदेश जारी किए हैं। भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उच्च शिक्षा निदेशालय शिमला रहेगा। आदेशों के मुताबिक, वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
प्रोफेसर और 3 छात्राओं पर एफआईआर
पुलिस ने भी इस मामले में तेजी दिखाई है। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर अशोक कुमार और कॉलेज की तीन छात्राओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 115(2), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3 भी लगाई गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?
गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पल्लवी की मौत ने सबको झकझोर दिया है। परिजनों और साथी छात्रों ने कॉलेज में रैगिंग और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। आरोपों के अनुसार, भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और कुछ सीनियर छात्राओं ने पल्लवी को परेशान किया था। विभाग की शुरूआती जांच में प्रोफेसर की भूमिका संदिग्ध मिली है। इसके बाद ही निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई गई है।
सीएम सुक्खू का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कंडाघाट में मीडिया से बात करते हुए सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित बेटी के बयान के आधार पर ही प्रोफेसर को सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है। सीएम ने दो टूक कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
