Himachal News: Himachal Pradesh के धर्मशाला में एक छात्रा की मौत और प्रोफेसर पर लगे आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में प्राध्यापक संघ ने एक आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में सोशल मीडिया पर चल रहे रैगिंग और छेड़छाड़ के आरोपों पर चर्चा हुई। संघ अध्यक्ष डॉ. विक्रम श्रीवत्स और महासचिव डॉ. आशीष रंजन ने इसकी अध्यक्षता की। सबसे पहले दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। संघ ने इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य रखे हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूरी तरह सच नहीं हैं।
रिकॉर्ड में नहीं मिली कोई शिकायत
संघ ने बैठक में बताया कि जिस छात्रा की बात हो रही है, वह वर्तमान सत्र की विद्यार्थी नहीं थी। Himachal Pradesh के इस कॉलेज में अभी उसका कोई दाखिला नहीं है। वह 2024-25 सत्र की छात्रा थी। कॉलेज प्रशासन के पास यूजीसी के नियमों के तहत रैगिंग रोकने की सख्त व्यवस्था है। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि छात्रा ने कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। जब वह कॉलेज में नियमित रूप से आती थी, तब उसने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया।
प्रोफेसर के बचाव में उतरा संघ
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आरोपों में कई विरोधाभास सामने आए हैं। आरोपी प्रोफेसर पर जातिगत टिप्पणी के आरोप भी लगे हैं। संघ ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर खुद पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। वे 2006 से Himachal Pradesh के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं। उनका पिछला रिकॉर्ड और आचरण हमेशा बेदाग रहा है। संघ ने मांग की है कि जांच के दौरान इन सभी तथ्यों को भी ध्यान में रखा जाए। एकतरफा कार्रवाई से किसी निर्दोष की छवि खराब नहीं होनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा मामला
बैठक खत्म होने के बाद संघ के पदाधिकारी पुलिस अधीक्षक अशोक रतन से मिले। उन्होंने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की। संघ का कहना है कि जांच में कॉलेज का पक्ष भी मजबूती से शामिल किया जाना चाहिए। पुलिस को हर पहलू की गहराई से जांच करनी चाहिए। इस पूरे प्रकरण ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
