Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। यूपी रोडवेज बस में सफर कर रहे एक यात्री की सीट पर बैठे-बैठे ही मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि पूरी यात्रा के दौरान किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना शनिवार सुबह लकहहू मोड़ बस स्टैंड पर हुई।
मृतक की पहचान छोटेलाल पासवान के रूप में हुई है। वह 45 वर्ष के थे और देवरिया शहर में एक पेट्रोल पंप पर मैनेजर थे। ड्यूटी समाप्ति के बाद वे बस से अपने घर लार लौट रहे थे। बस कंडक्टर ने अंतिम स्टॉप पर उन्हें उतरने के लिए आवाज दी तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
घटना का क्रम
शनिवार सुबह करीब नौबजे बस लकहहू मोड़ स्टैंड पर पहुंची। सभी यात्री उतर गए लेकिन छोटेलाल अपनी सीट पर ही बैठे रहे। कंडक्टर ने उन्हें हल्के से छूकर आवाज दी। उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद कंडक्टर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
बस स्टैंड पर मौजूद लोगों ने भी युवक को देखा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बस को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। लार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने जांच की। उन्होंने छोटेलाल को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी।
मौत का कारण
लार थानाप्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस कारण पुलिस ने शव का पंचनामा करने के बाद उन्हें सौंप दिया। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि मौत हृदयाघात या अन्य कारणों से भी हो सकती है।
बस कंडक्टर के मुताबिक रावतपार गांव के पास यात्री को टिकट का बचा हुआ किराया लौटाया गया था। उस समय उनकी हालत पूरी तरह सामान्य लग रही थी। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बस में ही उनकी मौत हो गई। अन्य यात्रियों को इसकी जानकारी नहीं थी।
परिवार में शोक
घटनाकी सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। छोटेलाल की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे लार थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित घारी वार्ड के टोला सोनराबारी के रहने वाले थे। अचानक हुई इस मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार के लोग और रिश्तेदार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने पोस्टमार्टम का विरोध किया। पुलिस ने परिवार की इच्छा का सम्मान करते हुए शव उन्हें सौंप दिया। स्थानीय निवासी इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस नेघटना के बाद तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। लार थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने कोई आपराधिक संदेह नहीं पाया है। मामला प्राकृतिक मौत के रूप में दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बस कंडक्टर और अन्य यात्रियों से भी पूछताछ की। सभी ने बताया कि उन्हें यात्री की तबीयत खराब होने की जानकारी नहीं थी। बस में भीड़ नहीं थी और सफर शांतिपूर्ण रहा। अचानक हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया।
सर्दी और स्वास्थ्य जोखिम
इस घटनाने कड़ाके की सर्दी में स्वास्थ्य जोखिमों की ओर ध्यान खींचा है। चिकित्सकों का मानना है कि ठंड के मौसम में हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अचानक तापमान में गिरावट स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। लोगों को नियमित जांच कराते रहना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सलाह दी है कि सर्दी में लंबी यात्रा से पहले स्वास्थ्य स्थिति जांच लें। अगर कोई बीमारी है तो डॉक्टर से परामर्श करें। यात्रा के दौरान असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत मदद लें। साथी यात्रियों को भी सजग रहना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
स्थानीय प्रशासन नेघटना के बाद कोई विशेष बयान जारी नहीं किया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सर्दी में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। सार्वजनिक परिवहन में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई है।
इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बस कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई जीवन बचा सकती है। इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

