Delhi News: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम को यूपीए सरकार ने सख्त बनाया था। इसी कानून की वजह से उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं मिल पा रही है।
दिल्ली दंगा मामले में पांच साल से ज्यादा समय से जेल में बंद इन युवाओं को जमानत नहीं मिली है। ओवैसी का आरोप है कि इसके लिए कांग्रेस भी जिम्मेदार है। उन्होंने यूपीए-2 के कार्यकाल में हुए कानूनी संशोधनों का हवाला दिया।
ओवैसी का कांग्रेस पर सीधा आरोप
हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यूपीए सरकार ने यूएपीए को कठोर बनाया। उनके अनुसार पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल में ऐसे संशोधन हुए। इन संशोधनों के कारण आज कानून का दुरुपयोग हो रहा है।
उन्होंने कहा कि शरजील इमाम और उमर खालिद जैसे कार्यकर्ता इसी वजह से जेल में हैं। इन युवाओं को लंबे समय से जमानत नहीं मिल पा रही है। ओवैसी ने कांग्रेस को इस स्थिति के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया।
यूएपीए की धाराओं पर सवाल
ओवैसी ने यूएपीए की कुछ विशिष्ट धाराओं पर सवाल उठाए। उन्होंने धारा 15 जैसे प्रावधानों का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन धाराओं में अस्पष्ट भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
इन प्रावधानों में कई शब्दों की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है। इस अस्पष्टता के कारण किसी को भी आसानी से आरोपी बनाया जा सकता है। ओवैसी ने अपने पुराने संसदीय भाषण का हवाला भी दिया।
संसद में दी थी चेतावनी
ओवैसी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में इस कानून पर सवाल उठाए थे। उन्होंने तब ही चेतावनी दी थी कि भविष्य में इसका दुरुपयोग होगा। उनका कहना था कि यूपीए सरकार ने आतंकवाद की परिभाषा का विस्तार किया था।
कानून की कुछ धाराएं इतनी व्यक्तिपरक बनाई गईं कि उनका गलत इस्तेमाल आसान हो गया। उन्होंने कहा कि उनकी चेतावनी को नजरअंदाज किया गया। अब उसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
युवाओं की लंबी कैद पर सवाल
ओवैसी ने एक मार्मिक सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस का कोई बड़ा नेता इतने लंबे समय तक जेल में रहा है। उन्होंने कहा कि दो युवा साढ़े पांच साल से जेल में हैं।
इतनी लंबी अवधि तक बिना सजा के जेल में रहना चिंताजनक है। उन्हें अभी तक जमानत तक नहीं मिल पाई है। इस स्थिति पर सवाल उठाना जरूरी है।
कानूनी प्रक्रिया में देरी की आलोचना
मामले में कानूनी प्रक्रिया की लंबी अवधि पर भी सवाल उठे हैं। आरोपियों को न्याय मिलने में असामान्य देरी हो रही है। यह मूल अधिकारों के साथ समझौता करने जैसा है।
विचाराधीन कैदियों के लंबे समय तक जेल में रहने की प्रवृत्ति खतरनाक है। न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है। कानून का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का संदर्भ
ओवैसी के इस बयान को राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। कुछ विश्लेषक इसे मुस्लिम मतदाताओं के बीच कांग्रेस की पकड़ कमजोर करने की कोशिश मानते हैं। ओवैसी की पार्टी कई राज्यों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है।
तेलंगाना और हैदराबाद के अलावा अन्य राज्यों में भी उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में वे चुनावी तैयारी कर रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में यह बयान महत्वपूर्ण हो जाता है।

