Delhi News: राजधानी में सांसों पर आए संकट को दूर करने के लिए सरकार अब फुल एक्शन मोड में आ गई है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को जड़ से खत्म करने के लिए अगले चार साल का ठोस रोडमैप तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार 24×7 इस मिशन पर काम कर रही है। लक्ष्य एकदम स्पष्ट है—अगले चार साल में PM2.5 के स्तर को काफी कम करना। शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में इस प्लान पर मुहर लग गई है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट बनेगा प्रदूषण के खिलाफ हथियार
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सबसे बड़ा हथियार बनाया है। सरकार का पूरा जोर अब निजी गाड़ियों की जगह बसों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि बसों का बेड़ा तेजी से बड़ा किया जाएगा।
योजना के मुताबिक, इस साल के अंत तक सड़कों पर 6,000 बसें दौड़ेंगी। दिसंबर 2027 तक यह आंकड़ा 7,500 तक पहुंच जाएगा। सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक दिल्ली में बसों की संख्या 14,000 करने का है। इसमें 500 छोटी बसें (7 मीटर लंबी) भी शामिल होंगी। ये छोटी बसें मेट्रो और बस स्टॉप से घर तक की कनेक्टिविटी को आसान बनाएंगी।
3300 किलोमीटर सड़कों का होगा कायाकल्प
दिल्ली की हवा में उड़ने वाली धूल प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। इसे रोकने के लिए सरकार ने सड़कों को सुधारने का मेगा प्लान बनाया है। पूरी दिल्ली में करीब 3,300 किलोमीटर सड़कों को नया रूप दिया जाएगा।
इसमें पीडब्ल्यूडी की 800 किलोमीटर और एमसीडी की 1,200 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा कच्ची कॉलोनियों की 1,000 किलोमीटर सड़कों को भी पक्का किया जाएगा। सड़कों के किनारे और बीच के हिस्से को पक्का करने के साथ-साथ हरियाली भी बढ़ाई जाएगी। इससे धूल उड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
सड़क खुदाई पर लगेगा पूर्ण विराम
सड़कों की बार-बार खुदाई से भी खूब धूल उड़ती है। इस परेशानी को खत्म करने के लिए सरकार अब अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट बनाएगी। बिजली और पानी की लाइनें इसी डक्ट से गुजरेंगी। इससे बार-बार सड़क काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अधिकारियों को दो महीने में टेंडर जारी करने और एक साल में काम पूरा करने का आदेश दिया गया है।
EV पॉलिसी 2.0 और स्मार्ट पार्किंग
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2.0’ लाएगी। इसमें पेट्रोल-डीजल की जगह ईवी खरीदने वालों को सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा सड़कों पर भीड़ कम करने के लिए स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू होगा। धूल को दबाने के लिए मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और मिस्ट स्प्रे का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाएगा।
