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Delhi News: देर रात मस्जिद के पास चला बुलडोजर, पुलिस पर पथराव से मचा हड़कंप, जानें क्या है पूरा मामला

Delhi News: राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में बीती रात जमकर बवाल हुआ। नगर निगम (MCD) ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तुरंत बाद हुई। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। Delhi News में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन ने मस्जिद के पास की जमीन को अवैध कब्जा बताकर बुलडोजर चलाया है।

देर रात चला बुलडोजर, 5 पुलिसकर्मी घायल

एमसीडी की टीम देर रात भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। मशीनों ने मस्जिद के पास बने अवैध ढांचों को गिराना शुरू कर दिया। इसे देखते ही वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बुलडोजर अपना काम कर रहा है। इसी बीच कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। डीसीपी निधिन वलसन ने बताया कि भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पत्थरबाजी में कम से कम 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान कर रही है।

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुआ एक्शन

यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद की गई। कोर्ट ने अतिक्रमण मामले को विचारणीय माना था और सभी पक्षों से चार हफ्ते में जवाब मांगा था। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है। एमसीडी का दावा है कि मस्जिद के लिए आवंटित 0.195 एकड़ जमीन के बाहर अवैध निर्माण किया गया है। निगम के मुताबिक, मस्जिद कमेटी या वक्फ बोर्ड ने इस अतिरिक्त जमीन के मालिकाना हक के कागज नहीं दिखाए। इसी आधार पर एमसीडी ने अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया था।

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ की एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है। हाईकोर्ट की बेंच ने 12 नवंबर 2025 को रामलीला मैदान के पास से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने एमसीडी और पीडब्ल्यूडी (PWD) को करीब 39 हजार वर्ग फीट जमीन खाली कराने के लिए तीन महीने का समय दिया था। बताया जा रहा है कि इस जगह पर अवैध बारात घर, पार्किंग, सड़क और निजी दुकानें बना ली गई थीं। एमसीडी ने साफ किया है कि मुख्य मस्जिद को लेकर कोई विवाद नहीं है, कार्रवाई सिर्फ आसपास के अवैध कब्जों पर हुई है।

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मस्जिद कमेटी ने किया वक्फ संपत्ति का दावा

मस्जिद प्रबंध समिति ने एमसीडी की इस कार्रवाई को गलत बताया है। उनका दावा है कि यह जमीन वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। समिति का तर्क है कि वक्फ एक्ट के तहत ऐसे मामलों का फैसला सिर्फ वक्फ ट्रिब्यूनल कर सकता है, एमसीडी नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस जमीन के बदले वक्फ बोर्ड को किराया देते हैं। समिति ने एमसीडी के 22 दिसंबर वाले आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। फिलहाल पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

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