Delhi News: पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में एमसीडी ने बड़ी कार्रवाई की। सात जनवरी की रात करीब एक बजे बत्तीस जेसीबी और बुलडोजर पहुंचे। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बने अवैध निर्माणों को गिराया गया।
इस कार्रवाई के दौरान हिंसक झड़प हो गई। भीड़ ने पुलिस और एमसीडी स्टाफ पर पथराव किया। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
दो दिन बाद भी कायम है कड़ी सुरक्षा
घटनाके दो दिन बाद भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। रैपिड एक्शन फोर्स की गश्त जारी है। गलियों में बैरिकेडिंग लगी हुई है। अधिकांश दुकानें बंद पड़ी हैं।
मौके से मलबा हटाने का काम अभी भी चल रहा है। पुलिस ने पथराव के मामले में ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। सीसीटीवी फुटेज से अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
वक्फ संपत्ति का विवाद
मस्जिद प्रबंधन समितिका दावा है कि जमीन वक्फ संपत्ति है। समिति के जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि यह जमीन सौ साल से अधिक पुरानी है। उनके पास उन्नीस सौ तेरह के दस्तावेज हैं।
एमसीडी का कहना है कि मस्जिद के नाम सिर्फ 0.195 एकड़ जमीन है। बाकी जमीन पर उनका कोई मालिकाना हक नहीं है। यह जमीन पीडब्ल्यूडी और एमसीडी की है।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई दिल्लीहाईकोर्ट के आदेश पर हुई। अदालत ने अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था। करीब छत्तीस हजार चार सौ वर्ग फीट क्षेत्र में कार्रवाई हुई।
इस इलाके में बंद पड़ा बारात घर, एक निजी क्लिनिक और पार्किंग थी। इन सभी संरचनाओं को अवैध बताया गया। एमसीडी ने इन्हें पूरी तरह गिरा दिया।
सोशल मीडिया पर अफवाह का असर
पुलिस केअनुसार सोशल मीडिया पर एक अफवाह फैली। अफवाह थी कि मस्जिद को ढहाया जा रहा है। इससे लोग भड़क गए और भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माणों पर की गई। मस्जिद की जमीन पूरी तरह सुरक्षित है।
वकीलों ने उठाए सवाल
मस्जिद समितिके वकील ने कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रात में कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने मामले पर विचार के लिए समय दिया था।
दिल्ली वक्फ बोर्ड की वकील ने बताया कि बोर्ड में सक्षम अधिकारी नहीं हैं। इस कारण दस्तावेज पेश करने में दिक्कत आ रही है। बोर्ड फिलहाल पूर्ण रूप से कार्यशील नहीं है।
याचिकाकर्ता का पक्ष
इस कार्रवाई केपीछे एक याचिकाकर्ता संगठन है। सेव इंडिया फाउंडेशन ने यह याचिका दायर की थी। संगठन सरकारी जमीन पर अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ अभियान चला रहा है।
उनका दावा है कि यह जमीन सरकारी विभागों की है। मस्जिद प्रबंधन का इस पर कोई कानूनी हक नहीं है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई की थी।
तुर्कमान गेट इलाके में अब तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। जमीन के मालिकाना हक को लेकर कानूनी लड़ाई जारी रहने की संभावना है। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा है।

