Delhi News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में चार मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों को मार गिराया। यह एनकाउंटर गुरुवार देर रात रोहिणी के पास बहादुर शाह रोड पर हुआ। मारे गए सभी अपराधी कुख्यात सिग्मा एंड कंपनी गैंग से जुड़े थे। गैंग सरगना रंजन पाठक भी इनमें शामिल था।
मुठभेड़ का समय और स्थान
यह मुठभेड़ गुरुवार सुबह करीब दो बजे शुरू हुई। दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई। गैंगस्टरों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में चारों अपराधियों को मार गिराया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया।
मारे गए गैंगस्टरों की पहचान
मारे गए गैंगस्टरों में रंजन पाठक शामिल था जो गैंग का सरगना था। वह सीतामढ़ी, बिहार का रहने वाला था और उस पर आठ मुकदमे दर्ज थे। बिमलेश महतो पर चार आपराधिक मामले दर्ज थे। मनीष पाठक और अमन ठाकुर भी इसी गैंग के सदस्य थे। अमन ठाकुर दिल्ली का रहने वाला था।
पुलिसकर्मी बचे मौत से
मुठभेड़ के दौरान चार पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरविंद, एसआई मनीष और एसआई नवीन बुलेट प्रूफ जैकेट की वजह से बच गए। सभी जवान सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि गैंगस्टरों ने भारी फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने सभी अपराधियों को ढेर कर दिया।
गैंग के आपराधिक रिकॉर्ड
रंजन पाठक बिहार में कई हत्याओं में शामिल था। बिहार पुलिस लंबे समय से उसे ढूंढ रही थी। पुलिस ने खुलासा किया कि गैंग बिहार विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी की योजना बना रहा था। इस गैंग के खात्मे से बिहार चुनाव को लेकर सुरक्षा चिंताएं कम हुई हैं। दिल्ली और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने बड़ा आपराधिक नेटवर्क तोड़ा है।
सिग्मा गैंग का अंत
पुलिस का मानना है कि रंजन पाठक के मारे जाने से सिग्मा एंड कंपनी गैंग का अंत हो गया है। यह गैंग बिहार और दिल्ली में सक्रिय था। गैंग के सदस्यों पर हत्या, डकैती और अपहरण जैसे गंभीर आरोप थे। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। जांच अधिकारी मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।

