New Delhi: ईरान में जारी भीषण हिंसा और अस्थिरता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी शुरू कर दी है। देर रात तेहरान से विशेष विमान द्वारा भारतीयों का पहला जत्था दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंचा। अपनों को सही सलामत देखकर अमरोहा, संभल और बिजनौर से आए परिजनों की आंखें भर आईं। वतन वापसी करने वाले यात्रियों ने ईरान के मौजूदा हालात पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
दहशत और आगजनी के बीच वापसी
ईरान से लौटे यात्रियों ने बताया कि वहां के हालात वैसे ही हैं जैसा मीडिया में दिखाया जा रहा है। प्रदर्शनकारी उग्र हैं और जगह-जगह आगजनी हो रही है। सड़कों पर गाड़ियों को जलाया जा रहा है। एक यात्री ने बताया कि वहां मुख्य रूप से दो गुटों के बीच संघर्ष चल रहा है। एक तरफ रजा पहलवी के समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ खामनेई की पार्टी है। इस सियासी खींचतान में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
‘ईरानी नहीं, बाहरी लोग मचा रहे बवाल’
जियारत (तीर्थयात्रा) के लिए तेहरान गए एक भारतीय यात्री ने वहां की जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने दावा किया कि आम ईरानी नागरिक शांति पसंद कर रहे हैं। जो लोग उपद्रव मचा रहे हैं, वे बाहरी तत्व हैं। उन्होंने कहा, “वहां उपद्रवी हंगामा कर रहे हैं, लेकिन हमें कोई डर नहीं लगा। हमारे सभी लोग सुरक्षित हैं।” यात्रियों ने मुश्किल वक्त में साथ देने के लिए भारतीय दूतावास और भारत सरकार का विशेष शुक्रिया अदा किया।
इंटरनेट ठप, संपर्क टूटा
ईरान में प्रदर्शनों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यात्रियों के अनुसार, आईएसडी (ISD) कॉल भी काम नहीं कर रही थीं। इससे वहां फंसे लोगों का अपने परिवारों से संपर्क करना बेहद मुश्किल हो गया था। हालांकि, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो-तीन दिनों में इंटरनेट सेवा बहाल हो सकती है। फिलहाल वहां सूचनाओं का आदान-प्रदान काफी सीमित है।
मदद के लिए दूतावास मुस्तैद
वतन लौटे लोगों ने बताया कि भारतीय दूतावास वहां फंसे नागरिकों की हर संभव मदद कर रहा है। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने पहले ही अपनी वापसी की टिकट बुक करा ली थी और दूतावास के संपर्क में थे। मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाए जा रहे डर के माहौल के विपरीत, कुछ यात्रियों ने कहा कि सही जानकारी और सावधानी रखने पर वहां सुरक्षित रहा जा सकता है। सरकार का यह निकासी अभियान आगे भी जारी रहेगा।

