Himachal News: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर से सटे रेटा गांव में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यहां बिना डिग्री के चल रहे एक क्लीनिक पर विभाग ने अचानक छापेमारी की। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर एक मरीज को एक्सपायरी डेट वाला स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह इंजेक्शन मरीज की जान के लिए घातक साबित हो सकता था। विभाग ने मौके से भारी मात्रा में अवैध दवाइयां और कैश बरामद किया है।
एक कमरे में चल रहा था सर्जरी का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी केवल एक कमरे में यह अवैध क्लीनिक चला रहा था। वह बिना किसी मेडिकल योग्यता या डिग्री के बवासीर जैसी बीमारियों की सर्जरी भी कर रहा था। क्लीनिक के अंदर अवैध रूप से एलोपैथिक दवाइयों और इंजेक्शनों का बड़ा स्टॉक जमा था। स्वास्थ्य विभाग को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। टीम जब मौके पर पहुंची, तो आरोपी मरीज का इलाज कर रहा था। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इंजेक्शन और दवाइयों की जांच शुरू की।
जानलेवा इंजेक्शन और 52 तरह की दवाइयां जब्त
टीम ने पाया कि मरीज को लगाया जा रहा इंजेक्शन स्टेरॉयड था और उसकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इससे मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। अधिकारियों ने क्लीनिक से 52 अलग-अलग प्रकार की दवाइयां जब्त की हैं। ये सभी दवाइयां अवैध तरीके से खरीदी गई थीं। इसके अलावा मौके से 35,000 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। स्थानीय निवासी हेम राज, लेख राज, राज कुमार और तेज राम इस पूरी कार्रवाई के गवाह बने।
थोक दवा विक्रेताओं पर भी गिरेगी गाज
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विभाग ने फर्जी डॉक्टर को नोटिस थमाया है। उसे सात दिनों के भीतर इन दवाइयों की खरीद-फरोख्त का पूरा हिसाब और बिल पेश करने के आदेश दिए गए हैं। विभाग अब उन थोक दवा विक्रेताओं की पहचान कर रहा है, जिन्होंने बिना लाइसेंस के इसे दवाइयां बेचीं। जांच पूरी होते ही उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
