लोहिया संस्थान में सांस की तकलीफ के चलते तीन दिन पहले भर्ती हुई एक महिला मरीज को घरवालों ने जीवित रहते ही मृत घोषित करने का आरोप लगाया है। घरवालों के अनुसार रविवार शाम 5.27 बजे मरीज को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद वह उन्हें आलमबाग स्थित अपने घर ले गए। वहीं, शाम 7.24 बजे अचानक घरवालों ने देखा कि मरीज मुंह से सांस लेने की कोशिश कर रही हैं। इसके बाद उन्हें तत्काल घर पर ही आक्सीजन सपोर्ट दिया गया। साथ ही उन्होंने एक कंपाउंडर बुलाया, जिसने मरीज के आला लगाया तो पता चला कि उसकी धड़कन और सांसें चल रही हैं। इसके बाद घरवाले एंबुलेंस बुलाकर उन्हें निजी अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बंगला बाजार के सालेह नगर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने 54 वर्षीय मां सुखरानी देवी को तीन दिन पहले सांस में तकलीफ के चलते लोहिया की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। स्ट्रेचर पर ही उन्हें आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। शाम करीब साढ़े पांच बजे एक डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वह मां को घर लेकर आ गए, तभी अचानक मां की सांस चलती देख वह हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने पास की क्लीनिक से एक निजी डाक्टर को बुलाया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं थे। इस पर कंपाउंडर ने आला लगाकर देखा और बताया कि मरीज जीवित हैं।

घरवालों ने लोहिया संस्थान के डाक्टरों की कथित लापरवाही का वीडियो घर से ही बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। उन्होंने बताया कि मरीज को आक्सीमीटर लगाने पर उनका आक्सीजन का स्तर 99 व पल्स 50 शो कर रहा है। सुनील ने बताया कि डाक्टर ने हमारी जीवित मां को मृत घोषित कर दिया। इसकी शिकायत वह संबंधित अधिकारियों से करेंगे। वहीं, लोहिया संस्थान के सीएमएस डा. राजन भटनागर ने बताया कि महिला के बारे में इस तरह की घटना होने की सूचना मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। ऐसा होने की संभावना बिल्कुल नहीं है। किसी भी तरह से यदि ऐसा हुआ होगा तो यह बहुत गलत है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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