बेटियों ने गाड़े झंडे, लड़कों को पछाड़ा: धर्मशाला में उपराष्ट्रपति ने दिया ‘नेशन फर्स्ट’ का मंत्र, नशे पर कड़ा प्रहार

Himachal News: धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में आज अद्भुत नजारा देखने को मिला। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मेधावी छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं। इस दौरान उन्होंने हिमाचल को देवभूमि और वीरभूमि की संज्ञा देते हुए राष्ट्र निर्माण में यहां के सपूतों के बलिदान को नमन किया। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में युवाओं को ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र सर्वोपरि का मूल मंत्र दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग देश की प्रगति और समाज की बेहतरी के लिए करें।

बेटियों का दबदबा: 32 में से 23 गोल्ड मेडल पर कब्जा

दीक्षांत समारोह के आंकड़े महिला सशक्तिकरण की एक नई और बुलंद तस्वीर पेश कर रहे हैं। समारोह में 700 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां और पदक सौंपे गए। उपराष्ट्रपति ने विशेष रूप से खुशी जताते हुए कहा कि स्वर्ण पदक जीतने में बेटियों ने बाजी मारी है। कुल 32 स्वर्ण पदक विजेताओं में से 23 छात्राएं हैं। उन्होंने इसे नए भारत की उभरती तस्वीर बताया, जहां महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी योग्यता का लोहा मनवा रही हैं।

नशे को कहें ‘ना’: उपराष्ट्रपति की युवाओं को नसीहत

पहाड़ों में बढ़ते नशे के जाल पर चिंता जताते हुए उपराष्ट्रपति ने युवाओं को कड़ी चेतावनी और सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर युवा को दृढ़ निश्चय के साथ नशे को पूरी तरह से नकारना चाहिए। राधाकृष्णन ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिसर को ‘नशामुक्त’ बनाने की पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए युवाओं का इस बुराई से दूर रहना अनिवार्य है। समाज को नशामुक्त बनाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में गूंजी तालियां

इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए कई वीवीआईपी (VVIP) चेहरे धर्मशाला में जुटे। राज्यपाल कवींद्र गुप्ता, कृषि मंत्री चंद्र कुमार और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर समारोह में मौजूद रहे। इनके अलावा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और राजीव भारद्वाज ने भी मेधावियों का उत्साह बढ़ाया। विश्वविद्यालय के कुलपति सत प्रकाश बंसल ने उपराष्ट्रपति को संस्थान की प्रगति रिपोर्ट पेश की। दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यार्थियों का जोश और ऊर्जा देखने लायक थी।

सशस्त्र सेनाओं को दिए वीर सपूत: वीरभूमि को नमन

उपराष्ट्रपति ने अपने भाषण में हिमाचल के सामरिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस छोटी सी रियासत ने देश की सशस्त्र सेनाओं को अनगिनत वीर योद्धा दिए हैं। राष्ट्र की सुरक्षा में हिमाचल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने डिग्री धारकों को संदेश दिया कि वे जिस भी क्षेत्र में जाएं, अपनी जड़ों और अपनी वीरभूमि के गौरव को सदैव याद रखें। समारोह का समापन भविष्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के संकल्प के साथ हुआ।

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