Uttar Pradesh News: अयोध्या के Ram Mandir के शिखर पर आज ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विधिवत ध्वज फहराया। लेकिन इस भव्य आयोजन में फैजाबाद के स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद को नहीं बुलाया गया। निमंत्रण न मिलने पर अब सियासी विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे दलित समाज की अनदेखी करार दिया है।
दलित होने के कारण भेदभाव का आरोप
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवधेश प्रसाद दलित हैं, शायद इसलिए उन्हें Ram Mandir के कार्यक्रम से दूर रखा गया। मसूद ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में स्थानीय सांसद को न बुलाना प्रोटोकॉल और परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने इसे एक जनप्रतिनिधि का अपमान बताया है।
नंगे पैर दर्शन करने जाता: अवधेश प्रसाद
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी अपनी पीड़ा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी जन्मभूमि है और वे यहीं पले-बढ़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट स्थानीय लोगों की बजाय बाहरी लोगों को प्राथमिकता दे रहा है। प्रसाद ने कहा कि अगर उन्हें बुलावा आता, तो वे नंगे पैर प्रभु राम के दर्शन करने जाते। उन्होंने कहा कि भगवान राम सबके हैं और उनके नाम पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।

