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साइबर ठगी: गुरुग्राम में शिकायतों का बढ़ता ग्राफ, विदेशी ठगों का बढ़ रहा दबदबा

Gurugram News: पिछले वर्ष साइबर ठगी की रकम में कमी दर्ज की गई है, लेकिन शिकायतों का बढ़ता सिलसिला बड़ी चिंता बना हुआ है। गुरुग्राम साइबर पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि 2025 में ठगी की 42 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। यह संख्या 2024 के मुकाबले करीब ढाई हजार ज्यादा है। हालांकि, जागरूकता के कारण ठगी की कुल राशि में गिरावट आई है।

पांच वर्षों में साइबर ठगी की शिकायतों में चार गुना का इजाफा हुआ है। 2021 में जहां ग्यारह हजार शिकायतें थीं, वहीं 2024 और 2025 में यह आंकड़ा चालीस हजार के पार पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से केवल सैकड़ों मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो पाई है। 2025 में दर्ज मामलों की संख्या 1680 रही।

हर दिन जिले के विभिन्न थानों और ऑनलाइन माध्यमों से साइबर धोखाधड़ी की सौ से अधिक शिकायतें आ रही हैं। पहले नूंह इलाके से ठगी के मामले सामने आते थे, लेकिन अब उस क्षेत्र में कमी दर्ज की गई है। नए चलन में विदेश से संचालित साइबर अपराधों के मामले तेजी से बढ़े हैं। बड़ी रकम की ठगी के पीछे अक्सर विदेश में बैठे गिरोह ही होते हैं।

वित्तीय नुकसान के मामले में भी भारी उछाल देखा गया है। 2021 में जहां करीब सात करोड़ रुपये की ठगी सामने आई थी, वहीं चार वर्षों में यह रकम करीब चार सौ करोड़ रुपये तक पहुंच गई। 2025 में इस राशि में गिरावट जरूर आई है। पुलिस का कहना है कि लोगों के बीच बढ़ती जागरूकता इसकी प्रमुख वजह है।

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साइबर ठगी के प्रमुख तरीके

साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को फंसा रहे हैं। फर्जी ईमेल और सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर जान-पहचान के लोगों से पैसे मांगना एक आम हथकंडा है। कई बार धोखेबाज फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर पैसे ठग लेते हैं। एपीके फाइल भेजकर मोबाइल फोन हैक करने के मामले भी आम हैं।

स्टॉक मार्केट में निवेश के लालच में फर्जी ऐप के जरिए भी लोगों को ठगा जा रहा है। कुछ ठग पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं। ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन, क्रेडिट कार्ड या बैंक अधिकारी का रूप धरकर सहायता का झांसा देना अन्य तरीके हैं। बिजली या पानी के बिल भरने के बहाने से भी ठगी होती है।

बचाव के लिए जरूरी कदम

साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है। संदिग्ध ईमेल या मैसेज पर क्लिक करने से बचें। किसी भी अज्ञात लिंक या अटैचमेंट को न खोलें। अपने सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड बनाए रखें। सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क पर कभी भी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

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अपने कंप्यूटर और मोबाइल फोन पर विश्वसनीय साइबर सुरक्षा सॉफ्टवेयर जरूर इंस्टॉल करें। व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को इंटरनेट पर साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। ऑनलाइन लेनदेन के दौरान डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी केवल विश्वसनीय वेबसाइटों पर ही डालें।

पुलिस की कार्रवाई और सलाह

गुरुग्राम साइबर पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने का अभियान चला रही है। एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान का कहना है कि शिकायतों में कमी लाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ठगी की राशि में कमी लाने में सफलता मिली है। पीड़ितों को तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

प्रियांशु दीवान के मुताबिक, लोगों के जागरूक होने से साइबर अपराध रोकने में मदद मिलेगी। अगर किसी के साथ ठगी हो भी जाती है तो त्वरित कार्रवाई से नुकसान को कम किया जा सकता है। हेल्पलाइन पर कॉल करके ठगी को निष्क्रिय कराने की सुविधा भी उपलब्ध है। साइबर पुलिस का लक्ष्य शिकायतों के आंकड़े में भी स्थायी गिरावट लाना है।

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