हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा प्रदान करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार को आदेश दिये है कि वह निजी स्कूलों के अध्यापकों की तरह काम करने के लिए प्रोत्साहित करें तथा शिक्षको के खाली पद भरने के आदेश भी जारी किये। प्रेदशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने सरकार के हाईकोर्ट को दिये हलफनामें में नाराजगी जाहिर की है कि जिन स्कूलो में 100 से कम बच्चे है उसमें कला व शारीरिक शिक्षक के पद नही भरे जाएगें। सरकार बताये कि क्या ये नियम निजी स्कूलो पर भी लागु हो रहे हैं। निजी स्कूलो में 30 बच्चो वाले स्कूलों में भी ये दोनो पद भरे जा रहे है। राईट टू एजुकेशन 2010 में हिमाचल में लागु हुआ है लेकिन पुर्व सरकारें 2017 तक इन दोनो पदों की भर्ती करती रही लेकिन 2018 के बाद इन पदों को भरना बन्द क्यो किया गया। क्या 60 या 70 बच्चो वाले स्कूलों को इन विषयो को पढ़ने का अधिकार नही है। क्या शिक्षा का अधिकार कानुन में ये लिखा है। चमन लाल शर्मा ने कहा कि संघ द्वारा बार बार सरकार से इन पदो को भरने का आग्रह किया गया लेकिन सरकार नही पदों को भरने में अपनी सहमती नही दे रही है। जबकि हाई तथा सीनियर सकैंडरी स्कूलों में 680 पद कला अध्यापको के तथा 700 पद शारीरिक शिक्षकों के खाली पड़े है।सरकार गलत हल्फनामा दे कर इन पदों को भरने में भी रूची नही दिखा रही है। संघ ने कहा कि अगर झ्स माह इन पदों को भरने की सहमती सरकार नही देती है तो मजवुरन कोरोना काल में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

By RIGHT NEWS INDIA

RIGHT NEWS INDIA We are the fastest growing News Network in all over Himachal Pradesh and some other states. You can mail us your News, Articles and Write-up at: News@RightNewsIndia.com

error: Content is protected !!