बाढ़ के कारण भुंतर मणिकर्ण मार्ग पर आठ घंटे फंसे रहे पर्यटक, जाने क्या है हालात

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कुल्लू। जिले में बरसात का मौसम आम लोगों के लिए आफत बन गया है। हर रोज हो रही बारिश सैलानियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। बारिश के कारण पार्वती घाटी के कसोल स्थित समोड नाला में बाढ़ आने से वीरवार को भुंतर-मणिकर्ण मार्ग आठ घंटे तक अवरुद्ध रहा।

वीरवार सुबह करीब 6:00 से लेकर दोपहर बाद 2:00 बजे तक मार्ग पर वाहनों का आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। बाढ़ का मलबा करीब 100 मीटर सड़क पर आ गया था।

इससे यहां दोनों तरफ से वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। इन वाहनों में मणिकर्ण घाटी से वापस लौटने वाले सैकड़ों पर्यटकों के वाहनों के साथ सरकारी और निजी बसें भी शामिल रहीं। साथ ही सेब और नाशपाती के लदे वाहन भी घंटों तक फंसे रहे, जिन्हें बेचने के लिए किसान-बावगानों को सुबह स्थानीय सब्जी मंडियों के लेकर आना था। मार्ग बंद होने की सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत बाद सड़क पर सड़क पर आए मलबे को हटाकर दोपहर करीब 2:00 बजे मणिकर्ण-भुंतर मार्ग को खोला गया। इसके बाद सैलानियों, किसान-बागवानों और आम लोगों ने राहत की सांस ली।

इसके अलावा कसोल की दूसरी तरफ भी एक नाले का जलस्तर बढ़ने से सड़क धंस गई और कसोल आने वाली सभी वोल्वो बसों को सुमारोपा के पास खड़ा करना पड़ा है। इस कारण पर्यटकों को कसोल पहुंचने के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि बारिश से मणिकर्ण को जोड़ने वाली मुख्य सड़क जगह-जगह से धंसने लगी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से सड़क को जल्द ठीक करने की मांग की है।

वहीं, बारिश से जिले में ब्यास नदी के साथ नदी-नालों का एकाएक जलस्तर बढ़ गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरवरीनाला, ब्यास कुंड नाला, तीर्थन नदी, पार्वती नदी, बनाला खड्ड के साथ लाहौल में भी चंद्रभागा के साथ जाहलमा नाले में बाढ़ आई है। बारिश से हुए भूस्खलन से जिले में 16 सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा और लोगों को बरसात में मीलों तक पैदल सफर करना पड़ा। उपमंडल अधिकारी कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि बारिश से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। भुंतर-मणिकर्ण मार्ग को दोपहर बाद लोक निर्माण विभाग की मदद से खोला गया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू प्रशांत सरकैक ने कहा कि 29 जुलाई तक बारिश का अलर्ट है। ऐसे में पर्यटकों के साथ लोग बरसात के मौसम में नदी-नालों के खतरे वाली जगहों से दूर रहने की अपील की है।

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