भगोड़ा घोषित नित्यानंद श्रीलंका सरकार से मांग रहा मेडिकल शरण

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RIGHT NEWS INDIA: बलात्कार के आरोपी नित्यानंद ने मेडिकल का हवाला देकर श्रीलंका में रहने की इच्छा जताई है. इसके लिए उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को पत्र लिखा है.

जानकारी के मुताबिक, भगोड़ा घोषित किए जा चुके नित्यानंद ने श्रीलंका सरकार को यह चिट्ठी पिछले महीने 7 अगस्त को लिखी थी. अपनी चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि कैलासा में समुचित मेडिकल सुविधा नहीं है, इसलिए मुझे यहां शरण दिया जाए.

इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नित्यानंद के पत्र में कहा गया है कि वह गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें तुरंत इलाज करवाने की दरकार है. पत्र में कहा गया है कि इलाज का पूरा खर्जा कैलाशा उठाएगा. इसी खर्च में उन्हें श्रीलंका एयरलिफ्ट कराने का भी खर्च शामिल हैं. लेटर में कहा गया है कि नित्यानंत न केवल राजनीतिक शरण चाहते हैं बल्कि मेडिकल शरण भी चाहते हैं. नित्यानंद खुद को स्वयंभू स्वामी मानते हैं. देशभर में उनके कई आश्रम हैं.

भारत से फरार हैं नित्यानंद

बता दें कि नित्यानंद भारत से फरार हैं. उन्होंने कैलासा में अपना अलग देश बसाया है, ऐसा दावा है. वहां का अपना अलग पासपोर्ट है. नित्यानंद का दावा है कि दुनिया का कोई भी हिंदू यहां की नागरिकता प्राप्त कर सकता है. बता दें कि साल 2018 में रेप के आरोपी नित्यानंद भारत से भाग गए थे. कर्नाटक में उनके खिलाफ रेप के मामले दर्ज हैं.

नित्यानंद पर कई आरोप

2010 में नित्यानंद के खिलाफ उनके पूर्व ड्राइवर में केस दर्ज किया था. नित्यानंद पर अपहरण गैरकानूनी रूप से बच्चों को कब्जे में लेने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी. बाद में उन्हें बेल पर छोड़ दिया गया. नित्यानंद पर तमिलनाडु की एक अभिनेत्री से छेड़छाड़ का आरोप लगा.

आपत्तिजनक वीडियो हुआ था वायरल

नित्यानंद का एक आपत्तिजनक वीडियो भी वायरल हो गया था. इस वीडियो में तमिल अभिनेत्री के साथ उन्हें देखा गया था. इसके बाद नित्यानंद ने सफाई दी थी और वीडियो को गलत और इसके साथ छेड़छाड़ होने का आरोप लगाया था. मगर जांच के बाद वीडियो को सही पाया गया था. इसके बाद वह कुछ दिनों के लिए फरार हो गए थे. फिर बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था.

कैलासा में कैबिनेट गठन का दावा

नित्यानंद की वेबसाइट के मुताबिक, कैलासा में उन्होंने कैबिनेट का भी गठन कर लिया है इसके तहत स्वावस्थ्य, शिक्षा, तकनीक, हाउसिंग जैसे विभाग आते हैं. कैलासा में लोगों को आध्यात्मिक नागरिकता दी जाती है, ऐसा कहा गया है. कैलासा को एकमात्र हिंदू राष्ट्र होने का दावा किया है.

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