Nato Membership: स्वीडन और फिनलैंड को मिलेगी नाटो की सदस्यता, आज होगी वोटिंग

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वाशिंगटन. यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित स्वीडन और फिनलैंड की नाटो सदस्यता पर अमेरिकी संसद में बुधवार को वोटिंग होने जा रही है. इससे पूर्व सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी (SFRC) के रैंकिंग सदस्य और अमेरिकी सीनेटर जिम रिश ने फिनलैंड और स्वीडन को नाटो में शामिल करने के लिए जल्द वोटिंग कराये जाने की वकालत की थी.

उन्होंने सीनेट में दोनों की सदस्यता का पक्ष लेते हुए कहा था कि अमेरिका के पास नाटो का विस्तार करने और फिनलैंड और स्वीडन दोनों को अपने साथ जोड़ने का मौका है. उन्होंने कहा था कि दोनों राष्ट्रों के पास मजबूत और सक्षम सेनाएं हैं और नाटो में पहले से ही दोनों योगदान करते आये हैं.

SFRC के सदस्य जिम रिश के मुताबिक दोनों देशों को नाटो में शामिल करने से अमेरिका के पास अपना नेतृत्व दिखाने का मौका होगा. उन्होंने कहा कि यह पल अमेरिका के लिए नाटो में नेतृत्व और इसके आधुनिकीकरण के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मौका है और अति-महत्वपूर्ण बात यह है कि नाटो का भविष्य भी इससे ही तय होगा.

सभी देशों को लगानी होगी मुहर

नाटो सदस्य देशों को अपनी राष्ट्रीय आवश्यकताओं और प्रक्रियाओं के अनुसार प्रोटोकॉल को रेक्टीफाई करना होता है. सभी देशों में रेटिफिकेशन की प्रक्रिया दूसरे देशों से अलग हो सकती हैं. जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका को रेटिफिकेशन के लिए अपनी सीनेट में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है. वहीं यूनाइटेड किंगडम में किसी औपचारिक संसदीय वोट की आवश्यकता नहीं है.

रूस की धमकी

रूस पहले ही स्वीडन और फिनलैंड को नाटो ज्वॉइन करने पर धमकी दे चुका है. रूस ने कहा है कि नाटो ज्वॉइन करने के बाद उसे अपने परमाणु हथियारों को बाल्टिक क्षेत्र में तैनात करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा. पुतिन पहले ही कह चुके है कि अगर नाटो सेनाएं दोनों देशों में तैनात होती है तो रूस जरूरी सैन्य कदम उठाएगा.

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