पिछले सात सालों में 22.5 करोड़ आवेदकों में से 7 लाख लोगों को मिली सरकारी नौकरी, देखें आंकड़े

0
83

Sarkari Naukri: सरकारी नौकरियों (Sarkari Naukri) की तलाश में भटक रहे लोगों की भीड़ बेहिसाब बढ़ती जा रही है. लेकिन नौकरियों (Govt Jobs) के लिए चयनित होने वालों की संख्या बहुत ही कम है. पिछले आठ वर्षों में प्राप्त आवेदनों में से 1 प्रतिशत से भी कम का चयन किया गया. सरकार ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि वर्ष 2014-15 से 2021-22 तक प्राप्त 22.05 करोड़ आवेदनों में से केवल 7.22 लाख या 0.33 प्रतिशत की सिफारिश केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति के लिए की गई थी.

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 27 जुलाई को लोकसभा को सूचित किया कि पिछले आठ वर्षों में 7.22 लाख से अधिक लोगों को स्थाई केंद्र सरकार की नौकरी (Central Govt Jobs) मिली है. इसके लिए सरकार को इन नौकरियों के लिए 22 करोड़ से अधिक आवेदन मिले हैं. लोकसभा सदस्य अनुमाला रेवंत रेड्डी के एक सवाल के जवाब में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने कहा कि वर्ष 2014 से केंद्र सरकार में 7,22,311 लोगों को स्थाई नौकरी मिली है.

श्री रेड्डी ने 2014 के बाद से दी गई केंद्र सरकार (Central Govt Jobs) की नौकरियों (Sarkari Naukri) का वर्ष-वार विवरण और ऐसी नौकरियों के लिए प्राप्त आवेदनों की संख्या जानने की मांग की थी. DoPT के आंकड़ों के मुताबिक, 2014 से अब तक 22,05,99,238 लोगों ने इन नौकरियों के लिए आवेदन किए हैं.

Sarkari Naukri पाने वालों की वर्षवार संख्या

वर्ष 2014-15 में दी गई नौकरियों संख्या- 1,30,423

वर्ष 2015-16 में दी गई नौकरियों संख्या- 1,11,807

वर्ष 2016-17 में दी गई नौकरियों संख्या- 1,01,333

वर्ष 2017-18 में दी गई नौकरियों संख्या- 76,147

वर्ष 2018-19 में दी गई नौकरियों संख्या- 38,100,

वर्ष 2019-20 में दी गई नौकरियों संख्या- 1,47,096

वर्ष 2020-21 में दी गई नौकरियों संख्या- 78,555

वर्ष 2021-22 में दी गई नौकरियों संख्या- 38,850

वर्ष 2019 के आम चुनाव से पहले के वर्ष 2018-19 में सबसे कम नौकरियां 38,100 दी गईं. वर्ष 2018-19 में दी गई नौकरियां वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 के महामारी प्रभावित वर्षों में दी गई नौकरियों से भी कम थीं. वर्ष 2018-19 में रिकॉर्ड 5.08 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे.

रोजगार सृजन के लिए की गई कई पहल

मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन के लिए कई पहल की गई हैं. बजट 2021-22 में 1.97 लाख करोड़ की लागत से 5 वर्षों के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं शुरू की गई है. सरकार द्वारा लागू की जा रही PLI योजनाओं में 60 लाख नए रोजगार सृजित करने की क्षमता है. इसमें कहा गया है कि प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) को स्वरोजगार की सुविधा के लिए लागू किया जा रहा है, जिसके तहत 10 लाख रुपये कोलेट्ररल फ्री लोन (Collateral Free Loans) दिया जाता है. इसके तहत सूक्ष्म / लघु व्यवसाय उद्यमों और व्यक्तियों को उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को स्थापित करने या उनका विस्तार करने में सक्षम बनाने के लिए किया जाता है.

Leave a Reply