HPPWD का कारनामा: 5 साल में नही बनी डेढ़ किमी सड़क, ग्रामीणों के किया चुनावों में मतदान के बहिष्कार का ऐलान

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कुल्लू. हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक यूं तो हर मंच पर विकास के नए आयाम स्थापित करने की बातें करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग की नाकामी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में जनता को सड़क सुविधा के के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं.

ऐसे में कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ सटी खरार घाटी के ग्राहक पंचायत के से धारा गांव में मात्र डेढ़ किलोमीटर सड़क 5 साल में नहीं बन पाई है, जिसके चलते गांव के करीब 100 परिवारों को सड़क सुविधा के अभाव में जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है. इससे सबसे ज्यादा दिक्कतें बीमार बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और स्कूली छात्रों को हो रही है.

ग्रामीणों की मानें तो 5 वर्ष पहले उन्होंने डेढ़ किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए सभी तरह की कागजी कार्यवाही पूरी की थी. इसमें ग्रामीणों ने अपनी निजी भूमि की एनओसी भी विभाग को जमा कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग ने इन 5 वर्षों में कोई काम नहीं किया. ऐसे में ग्रामीणों ने आने वाले विधानसभा चुनावों में मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है.

जतारा गांव के स्थानीय ग्रामीण लाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग को 5 साल पहले डेढ़ किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण के लिए अपनी निजी भूमि की एफिडेविट भी जमा कर दी थी. इस सड़क के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी मिल गई थी. इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के जेई, एसडीओ अगले महीने का आश्वासन देते रहे, लेकिन 5 साल में भी सड़क नहीं बन पाई. ऐसे में ग्रामीणों ने जल्द सड़क निर्माण ना होने पर मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.

वहीं जिला परिषद सदस्य अरुणा ठाकुर ने कहा कि खरार घाटी के धारा गांव के सैकड़ों परिवारों को सड़क सुविधा के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बीमारी की हालत में बुजुर्ग या गर्भवती महिलाओं और छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस सड़क को लेकर ग्रामीणों के साथ एक प्रतिनिधिमंडल ने कुल्लू के अधिशाषी अभियंता विनय हाजिरी से मुलाकात की है. उन्होंने यह आश्वासन दिया है कि जल्द सड़क निर्माण का कार्य किया जाएगा.

वहीं लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर विनय हाजरी ने बताया कि शाधारा गांव के लिए 2020 से कागजी औपचारिकता पूरी की जा रही है. उन्होंने कहा कि इसी वर्ष जून माह में स्वीकृति मिली है. उन्होंने कहा कि विभाग की तरफ से चार लाख 62 हजार का एनपीबी जमा किया गया है, लेकिन सड़क निर्माण के लिए बजट का प्रावधान नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार से जैसे ही बजट का प्रावधान किया जाएगा, ग्रामीणों के लिए जल्द सड़क का निर्माण किया जाएगा.

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