14 जातियों को जनजातीय दर्जा देने के खिलाफ गुर्जर महासभा ने किया धरना प्रदर्शन

0
50

नाहन। जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय की 14 जातियों को जनजातीय दर्जा दिए जाने के विरोध में कालाअंब में गुर्जरों ने धरना प्रदर्शन किया। कालाअंब में हुए महासभा में गुर्जर समाज के लोग हजारों की संख्या में पहुंचे तथा उन्होंने प्रदर्शन में भाग लिया। सिरमौर गुर्जर समाज की इस महासभा की अध्यक्षता गुर्जर समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया ने की। महासभा में मुस्लिम व हिंदू गुज्जर संगठनों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। महासभा में सिरमौर जिले के गुर्जर समाज के नेताओं व बुद्धिजीवियों के अलावा प्रदेश के बिलासपुर व ऊना जिले से आए गुर्जरों सहित लगभग दो हज़ार गुज्जरों ने भाग लिया।

इस महासभा में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के उपाध्यक्ष पृथ्वीराज, हिमाचल प्रदेश गुर्जर समाज के अध्यक्ष हेमराज राव व अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली रमजान खान विशेष अतिथि रहे। महासभा में विभिन्न गुर्जर नेताओं ऋतु, किनशुक, रेखा चौधरी, हंसराज, बरखा राम, यशपाल, खेमराज, बलबीर सिंह व उर्मिला आदि ने अपने अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने हाटी को जनजातीय दर्ज़ा देकर गुर्जर समाज के अधिकारों का हनन किया है। प्रदेश सरकार भलीभांति जानती है कि गुर्जर एक जाति समुदाय है, जिसे एसटी का दर्जा प्राप्त है और 7.5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

हालांकि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों में पिछले डेढ़ दशक से प्रदेश सरकार गुर्जरों को 7.5 प्रतिशत के स्थान पर मात्र 5 प्रतिशत का आरक्षण दे रही है। मात्र उच्च पदों के लिए 7.5 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। इस 5 प्रतिशत एसटी आरक्षण में गिरिपार की अन्य जातियों को भी शामिल कर दिया गया है। जबकि हाटी कोई जाति विशेष नहीं है। उन्होंने कहा कि गुर्जरों के अधिकारों व एसटी आरक्षण कोटे से छेड़छाड़ की गई है जिसका गुर्जर समाज पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मुद्दे पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तर्ज़ पर प्रदेश सरकार गौर करके हाटी को विशेष पिछड़ा वर्ग में शामिल करके लाभ दे सकती है।

हिमाचल प्रदेश गुर्जर समाज के अध्यक्ष हेमराज राव व सिरमौर गुर्जर समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष हंसराज भाटिया ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गुर्जर समाज की उपेक्षा की है। एसटी आरक्षण में छेड़छाड़ की गई है। लेकिन गुर्जर समाज अपने अधिकारों के लिए जिला व प्रदेश स्तर पर संघर्ष करेगा। अगर प्रदेश सरकार उनकी मांगो को अनदेखा करेगी, तो सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय गुर्जर सभा दिल्ली के राष्ट्रीय समन्वयक भगवान दास, रामदास, दिनकर भदूड़ी, सतपाल गुर्जर, गौरव, निसार मोहम्मद, इस्लाम मोहम्मद, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष सुलेमान, सीमा देवी, शकुंतला देवी, रविंद्र भाटी आदि भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply