Congress Protest: महंगाई और बेरोजगारी के कारण देश में फैल रही नफरत; राहुल गांधी

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दिल्ली। कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आज यानी रविवार को महंगाई के खिलाफ ‘हल्ला बोल रैली’ निकाल रही है।

इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान के आसपास और राजधानी के अन्य इलाकों सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। रविवार सुबह 11 बजे से शुरू हुई इस रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत दिल्ली और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता पहुंचे हैं।

भाजपा की सरकार आने के बाद देश में बढ़ रही नफरत

इस दौरान अपने संबोधन में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “देश की हालत आपको दिख रही है। देश में क्या हो रहा है, क्या नहीं हो रहा है, आपसे नहीं छिपाया जा सकता है। जब से भाजपा की सरकार आई है, तब से देश में नफरत और क्रोध बढ़ता जा रहा है। सही है….आपको लगता है कि नफरत और क्रोध देश में बढ़ता ही जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “सही है ना… नफरत किसको होती है। नफरत डर का एक रूप है, जिसको डर होता है, उसी के दिल में नफरत पैदा होती है। जो डरता नहीं है, जिसको डर नहीं होता है उसके दिल में नफरत पैदा नहीं होती है। जब हम ये कहते हैं कि हिंदुस्तान में नफरत बढ़ रही है, उसी बात को दूसरी तरह से कहना कि हिंदुस्तान में डर बढ़ता जा रहा है, भविष्य का डर, महंगाई का डर, बेरोजगारी का डर बढ़ता जा रहा है और इसके कारण हिंदुस्तान में नफरत बढ़ती जा रही है।”

राहुल गांधी ने कहा, “नफरत से लोग बटते हैं, देश बंटता है और देश कमजोर होता है। भाजपा और आरएसएस के नेता देश को बांटते हैं और जानबूझकर देश में भय पैदा करते हैं। लोगों को डराते हैं और नफरत पैदा करते हैं।”

नफरत से किसे हो रहा फायदा- राहुल गांधी

इस डर का लाभ किसे मिल रहा है। डर और नफरत का फायदा हिंदुस्तान के दो उद्योगपति उठा रहे हैं। आप बाकी उद्योगपतियों से पूछ लो, वो भी बताएंगे कि पिछले आठ साल में हमारा कोई फायदा नहीं हुआ, सिर्फ दो उद्योगपतियों का हुआ है।

एयरपोर्ट, सेलफोन, तेल सबकुछ इन्हीं दो उद्योगपतियों को मिल रहा है। मीडिया देश को डराती है, नफरत और डर पैदा होता है और पूरा का पूरा इन दो उद्योगपतियों को फायदा हो रहा है। मोदी सरकार ने नोटबंदी की, कहा कालेधन के खिलाफ लड़ाई है फिर कुछ दिन बाद आपने देखा कि जो नोटबंदी से जो आपकी जेब से लाखों करोड़ों रुपये निकाले गए उससे उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर दिया गया।

दो उद्योगपतियों के लिए थे तीन कृषि कानून

किसानों के लिए तीन कानून लाए गए, कहा गया कि ये किसानों के फायदे के लिए हैं, ये कानून किसानों के लिए नहीं थे, ये उन्हीं दो उद्योगपतियों के लिए थे। किसान इसीलिए सड़कों पर आ गया और मोदी जी को अपनी शक्ति दिखा दी। जब मोदी जी को लगा कि किसानों की शक्ति बड़ी है तो उन्होंने कानून वापस ले लिया।

GST लाकर छोटे कारोबारियों पर मारी चोट

ऐसा ही जीएसटी लाकर छोटे कारोबारियों, मजदूरों, किसानों पर चोट मारी। आज देश चाहे भी तो युवाओं को रोजगार नहीं दे पाएगा, क्योंकि ये लोग ही देश को रोजगार दे सकते थे, जो इनकी रीढ़ तोड़ देने से ये रोजगार नहीं दे सकते हैं।

“ये देश दो उद्योगपतियों का नहीं है, हिंदुस्तान के गरीब लोगों का है”

55 घंटे मुझे ईडी ने बैठाया, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं मोदी जी कि मुझे ईडी से कोई फर्क नहीं पड़ता। ये हमारा जो संविधान है, जो देश की आत्मा है, आज इसे बचाने का काम हर हिंदुस्तानी नागरिक को करना पड़ेगा। यदि आज हमने ये नहीं किया, यदि आज हम नहीं खड़े हुए तो ये देश नहीं बचेगा। ये देश संविधान है, देश की जनता की आवाज है, देश की जनता का भविष्य है, ये देश दो उद्योगपतियों का नहीं है, ये देश हिंदुस्तान के गरीब लोगों का है।

“आज देश में बन गए हैं दो हिंदुस्तान”

आज दो हिंदुस्तान बन गए हैं, मजदूरों, गरीबों, बेरोजगार युवाओं का, उस देश में रोजगार नहीं मिल सकता, अपने बच्चों को आप वहां कालेज-यूनिवर्सिटी में भेजना चाहते हैं तो नहीं भेज सकते हैं, उस देश में आपको खून-पसीना देना पड़ेगा और उससे भी कोई फायदा नहीं होगा।

दूसरा देश दो-तीन, दस-15 उद्योगपतियों का, अरबपतियों का है। उस देश में आप जो भी चाहते हो आसानी से मिल जाएगा। इन दो देशों में लड़ाई है। मोदी की विचारधारा कहती है कि देश को बांटना है और उसका फायदा दो उद्योगपतियों को देना है और हमारी विचारधारा कहती है कि देश को बंटना नहीं चाहिए और इसका फायदा गरीबों को किसानों को मजदूरों को मिलना चाहिए।

यूपीए के समय में किसानों को दिया गया 70 हजार करोड़ रुपये

यूपीए के समय में 70 हजार करोड़ रुपये सरकार ने किसानों को दिया। नरेन्द्र मोदी जी ने तीन काले कानून दिए। मजदूरों के लिए यूपीए ने एतिहासिक कानून मनरेगा दिया, मोदी जी ने संसद में कहा कि मनरेगा गरीबों का अपमान है, लेकिन आज नरेगा देना पड़ रहा है, ये नहीं होता तो हिंदुस्तान में आग लग जाती। भूमि अधिग्रहण कानून हम लाए, किसानों की भूमि छीन ली जाती थी, लेकिन हमने उसे रोका। मोदी सरकार ने ये कानून रद करने की कोशिश की।

धर्म के नाम पर राजनीति कर देश को बर्बाद कर रही है मोदी सरकारः अशोक गहलोत

इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “केंद्र सरकार ने सीबीआइ-ईडी का आतंक मचा रखा है। मोदी सरकार की कथनी-करनी में अंतर है। आज कांग्रेस की रैली देखकर मोदी सरकार के लोगों को पसीना आएगा। ये आज की रैली तो शुरुआत है, आगे लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी।

देशभर में यात्रा निकाली जा रही है, राहुल गांधी के प्रति एकजुटता दिखानी है और भारत को जोड़ना है। देश में नफरत और हिंसा का खतरनाक माहौल है, इसलिए भी भारत जोड़ो यात्रा बहुत जरूरी है। अंतिम विजय सत्य की होगी और सत्य आप लोगों के पक्ष में है।”

मोदी जी के दो भाई, बेरोजगारी और महंगाई- सचिन पायलट

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, “केंद्र सरकार को गरीबों की कोई चिंता नहीं, लेकिन देश पर शासन करने वाले लोग जब तक जागेंगे नहीं, कांग्रेस भी चुप बैठने वाले नहीं है। इस सरकार को सबक सिखाना ही होगा। हल्ला बोल करते रहेंगे, जब तक महंगाई कम नहीं होती। मोदी जी के दो भाई, बेरोजगारी और महंगाई।”

किसानों और जवानों दोनों को नहीं मिल रहा सम्मानः भूपेंद्र सिंह हुड्डा

इसी कड़ी में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज आम आदमी बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रहा है। किसानों और जवानों के राज्य हरियाणा का हाल भी बेहाल, दोनों को ही सम्मान नहीं मिल रहा है।

मोदी है तो मुमकिन नहीं, मोदी है तो महंगाई हैः अधीर रंजन चौधरी

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “हमारी पार्टी के सिपाहियों ने जिस जोश के साथ रामलीला मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, उससे पता चलता है अब दिल्ली दूर नहीं।”

देश की जोड़ने की संस्कृति को बरकरार रखना आज चुनौती हैः कमलनाथ

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, “हमारे सामने एक और लड़ाई है कि किस रास्ते पर देश चलेगा। देश और कांग्रेस की संस्कृति जोड़ने की संस्कृति है। आंबेडकर का संविधान गलत हाथों में चला जाए तो देश कहां चला जाएगा। आज हमारे सामने यह चुनौती है कि हम जोड़ने की संस्कृति को कैसे बचाए रखें, जीवित रखें।”

बड़े उद्योगपतियों का करोड़ों माफ करना रेवड़ी नहीं रबड़ी हैः भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “कांग्रेस जब गरीबों, मजदूरों और उपेक्षितों की लड़ाई लड़ती है तो सत्ता में बैठे लोग इसे रेवड़ी कहते हैं, जबकि बड़े उद्योगपतियों का करोड़ों माफ करना रेवड़ी नहीं रबड़ी बांटना है। केंद्र सरकार कांग्रेस के दबाव में महंगाई रोकने पर बाध्य होगी।”

सदन में महंगाई पर चर्चा के लिए सिर्फ 28 मिनट दिएः मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “तनख्वाह का कुछ रुपया राशन में गया, कुछ खर्च हुआ दवाई पर। थोड़ा-बहुत लेन-देन पर हुआ, बाकी खर्च हुआ बच्चों की पढ़ाई पर। फिर मोहताज हो गया पाई पाई पर, और क्या बोलूं महंगाई पर।”

उन्होंने आगे कहा कि संसद में 15 दिन में 15 बार हमने महंगाई पर चर्चा के लिए नोटिस दिए, लेकिन सरकार चर्चा के लिए कभी मानी नहीं। जब राहुल जी मैदान में उतरे, सदन से सड़क तक जब हमने विरोध शुरू किया तब उन्होंने सिर्फ पांच घंटे का समय दिया, जिसमें भी कांग्रेस को चर्चा के लिए सिर्फ 28 मिनट मिले। महंगाई बढ़ रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है, रुपये का मूल्य गिर रहा है, लेकिन सरकार कुछ नहीं बोलती। सदन में और मीडिया के सामने प्रधानमंत्री चुप रहते हैं और बाहर बहुत बोलते हैं।

महंगाई और बेरोजगारी दूर करने के वादे मोदी जी ने नहीं किए पूरेः प्रतिभा सिंह

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा, “मोदी जी ने कहा था कि मैं एक साल में दो करोड़ नौजवानों को रोजगार दूंगा, आज आठ साल हो गए, आपके वचन के मुताबिक 16 करोड़ नौजवानों को रोजगार मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गैस सिलेंडर के दाम बढ़े थे तो आपने कहा था मुझे मौका दो मैं महंगाई कम करूंगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हम हिमाचल प्रदेश को जीतकर राहुल गांधी की झोली में डालेंगे।”

नेहरू से लेकर अब तक गरीब का हाथ हमेशा कांग्रेस ने थामाः प्रताप सिंह बाजवा

कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “किसानों के लिए काम करने के साथ ही ये राहुल जी की पहल थी कि उन्होंने यूपीए-2 सरकार में वन रैंक वन पेंशन दिलवाया। बाजवा पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं।”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “हम लगभग एक साल से महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। आज भी महंगाई पर विशाल रैली है। जनता को सबसे ज्यादा चिंता महंगाई की है। खाद्य पदार्थों पर जिस तरह से GST लगाई गई है, उससे महंगाई बढ़ी है। महंगाई के साथ बेरोजगारी भी बढ़ रही है।”

मंच पर कांग्रेस के दिग्गज नेता मौजूद

मंच पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल सहित दिल्ली और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता मौजूद हैं। इसके अलावा रैली के लिए देशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंचे हैं। कांग्रेस की ओर से रैली निकालकर महंगाई व बेरोजगारी के खिलाफ विरोध किया जा रहा है।

इससे पहले शनिवार को केसी वेणुगोपाल, जय राम नरेश, अजय माकन, शक्ति सिंह गोहिल सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने रैली स्थल पर पहुंचकर तैयारियों को जायजा लिया।

नेताओं का भाषण सुनने के लिए लगाई गई बड़ी-बड़ी स्क्रीन

इस दौरान कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा, “राहुल गांधी महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। रामलीला मैदान और आसपास के इलाके को कांग्रेस नेताओं की होर्डिंग और बैनर से सजाया गया है। साथ ही नेताओं के भाषण सुनने में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए मौके पर बड़ी-बड़ी स्क्रीन भी लगाई गई है।”

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