शिमला के जैसे मंडी में भी खोला जाए एक और महाविद्यालय; अनुपमा सिंह

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मंडी : सरदार पटेल विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति अनुपमा सिंह ने कहा है कि मंडी में 1948 में वल्लभ महाविद्यालय की स्थापना के बाद सभी तहसीलों में महाविद्यालय अस्तित्व में आए हैं।

74 साल पुराने वल्लभ महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने व कैंपस में भवन निर्माण होने से अब इस महाविद्यालय का कैंपस छोटा पड़ने लगा है। सरकार को राजधानी शिमला की तर्ज पर मंडी शहर के करीब सात आठ किलोमीटर के दायरे में अन्य डिग्री कालेज खोलना चाहिए, जिससे वल्लभ महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को अधिक गुणात्मक शिक्षा प्रदान की जा सके।

सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी की प्रति कुलपति अनुपमा सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सरदार पटेल विश्व विद्यालय के घटक महाविद्यालय मंडी में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस साल भी विद्यार्थियों का आंकड़ा सात हजार को पार कर गया है। एक ही कक्षा में 150 से 200 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राजधानी में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के अलावा चार डिग्री कालेजों समेत छह महाविद्यालय है। इसी तर्ज पर मंडी में भी एक अन्य डिग्री कालेज की समय की मांग है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस बारे में प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया है। मैगल, बिजणी, मझवाड़, बैहना व पैड़ी आदि स्थानों में डिग्री कालेज के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।

भंगरोटू में कन्या विश्वविद्यालय का भी विकल्प है। अगर शहर में डिग्री कालेज अस्तित्व में आता है तो वल्लभ महाविद्यालय को कालेज आफ एक्सीलेंस बनाने का रास्ता भी खुल जाएगा। विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा कर्मचारियों समेत विभिन्न संगठनों से हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया गया, जिससे आने वाली पीढ़ी का उज्ज्वल भविष्य हो सके।

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