अराजपत्रित महासंघ का आरोप, कर्मचारी नेताओं का उत्पीड़न कर रही सरकार

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शिमला। Allegation of Vinod Faction, अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के विनोद गुट ने आरोप लगाया है कि सरकार कर्मचारी नेताओं का उत्पीडऩ कर रही है।

जो भी नेता कर्मचारियों के आर्थिक मसलों को उठा रहा है, उसे या ट्रांसफर अथवा निलंबन झेलना पड़ता है। इस गुट के प्रदेशाध्यक्ष विनोद कुमार ने शिमला के प्रेस क्लब में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि महासंघ के ही नेता रहे एनआर ठाकुर, एचआरटीसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाने वाले शंकर सिंह ठाकुर को सरकार ने सेवानिवृत्ति से पूर्व अपमानित किया। आर्थिक मांगों को पूरा करवाने के लिए संयुक्त फ्रंट की अगुवाई करने वाले शिक्षा विभाग से संबंध रखने वाले वीरेंद्र चौहान को चंबा ट्रांसफर किया।

अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें स्वयं भी पहले बर्खास्त किया। फिर बहाल किया तो लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान किया। फिर सस्पेंड किया। मेरी अब तक के सेवाकाल में कुल 20 ट्रांसफर हो चुकी हैं, लेकिन इतना उत्पीडऩ पहले किसी भी सरकार ने नहीं किया, जितना अब हो रहा है। मुझे मुद्दे उठाने की सजा दी गई है।

महासंघ नेता ने कहा कि कुल्लू में जिस कर्मचारी नेता ने कथित तौर पर लाखों का गड़बड़झाला किया। उसे सरकार मान्यता देकर गले लगा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मंत्री इस मामले में विजिलेंस की तैयार चार्जशीट को कोर्ट में पेश नहीं करने दे रहे हैं।

जेसीसी के नाम पर चंदा एकत्र

विनोद कुमार ने कहा कि महासंघ की पूर्व सरकार से मान्यता प्राप्त कार्यकारिणी ने लाखों रुपये के चंदे का हिसाब किताब नहीं दिया था। जबकि मैंने थाना छोटा शिमला में शिकायत भी दर्ज की थी। अब नया महासंघ ने भी संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) के नाम पर चंदा एकत्र किया है। इस लेकर कार्मिक विभाग से पूछा जाएगा कि क्या ऐसे चंदे का सत्यापन किया गया है या नहीं।

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