35 सदस्यीय टीम ने खिमलोगा दर्रे में फंसे घायल ट्रैकर समेत चार की बचाया, मृतक ट्रैकर का शव बरामद

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हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में छितकुल और उत्तराखंड की सीमा पर खिमलोगा दर्रे में फंसे एक घायल ट्रैकर, चार पोर्टरों को 35 सदस्यीय टीम ने रविवार शाम को सुरक्षित बचा लिया है।

इसके अलावा हादसे में मारे गए ट्रैकर का शव भी बरामद कर लिया गया। टीम रविवार तड़के 5:00 बजे रवाना हुई थी। पांचों लोगों और शव को लेकर सोमवार शाम 5:00 बजे तक टीम वापस छितकुल पहुंचेगी। इस टीम में सेना, आईटीबीपी, पुलिस और होमगार्ड की क्यूआरटी और सांगला थाने के पुलिस जवान शामिल हैं। प्रशासन ने घायल ट्रैकर को प्राथमिक उपचार देने के लिए बचाल दल के साथ एक चिकित्सक भी भेजा है।

गौर हो कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी से एक सितंबर को तीन ट्रैकर और छह पोर्टर किन्नौर जिले के छितकुल रवाना हुए। गत दिन छितकुल और उत्तराखंड की सीमा पर 5100 मीटर ऊंचाई पर स्थित खिमलोगा दर्रे को रोप रैपलिंग से पार करते दो ट्रैकर नीचे गिर गए, जिनमें एक ट्रैकर सुजॉय डूले की मौत हो गई, जबकि पश्चिम बंगाल का एक ट्रैकर सुब्रोतो विश्वास घायल हो गया। गत शाम एक ट्रैकर नरोत्तम ज्ञान, पोर्टर कल्याण सिंह, प्रदीप और देवेंद्र छितकुल डिस्पेंसरी सुरक्षित छितकुल पहुंचे, जिन्होंने हादसे के बारे में बताया। उन्होंने एक घायल ट्रैकर और चार पोर्टरों के दर्रे में फंसे होने व एक ट्रैकर की मौत की जानकारी दी।

उपायुक्त किन्नौर आविद हुसैन सादिक ने बताया कि घायल सुब्रोतो गांव दुर्गानगर, डाकघर चकदोह, तहसील कल्याणी जिला नादिया पश्चिम बंगाल से है। वहीं, सुजॉय डूले गांव एमतला चटर्जी, डाकघर बाडा, तहसील कल्याण नगर, जिला विष्णुपुर, पश्चिम बंगाल की मौत हो चुकी है। इसके अलावा पोर्टर कल्याण सिंह, नैन सिंह, देवराज, प्रदीप, जयेंद्र सिंह उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के लेवाड़ी गांव और देवराम उत्तरकाशी के जमेल गांव से है। इधर, बिना अनुमति ट्रैकिंग पर जाने को लेकर उत्तराखंड के गोविंद वन्य जीव विहार ने नौ लोगों के खिलाफ वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

ट्रैकरों ने उत्तराखंड सरकार से अनुमति ली है या नहीं, होगी जांच
एसडीएम कल्पा एवं जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने बताया कि ट्रैकरों ने उत्तराखंड सरकार से अनुमति ली है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड सरकार को यहां की तरफ आने वाले ट्रैकिंग दलों की हिमाचल सरकार को भी पूर्व सूचना देनी चाहिए, ताकि प्रशासन अलर्ट रहे।

राहत एवं बचाव दल ने रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। घायल ट्रैकर को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मृतक ट्रैकर का शव भी बरामद कर लिया गया है। सोमवार शाम 5:00 बजे तक राहत और बचाव दल के वापस सांगला पहुंचने की संभावना है।– आविद हुसैन सादिक, उपायुक्त, किन्नौर

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