दहशत के माहौल में महिलाओं ने कांटेदार तारों पर फेंके बच्चे, कहा, हेल्प मी, हेल्प मी, तालिबान आ गया

अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद से पूरे देश में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। तालिबान के शासन से सबसे ज्यादा डर महिलाओं को हैं, वो अपनी और अपने बच्चों की जान बचाने के लिए हर मुमकीन कोशिश कर रही हैं।

काबुल एयरपोर्ट पर इस वक्त भारी भीड़ का जमावड़ा है। वहां अफगानों से अमेरिकी और ब्रिटेन के सैनिकों को अलग करने के लिए कांटेंदार तार लगाए गए हैं।

महिलाओं ने बच्चों को कांटेदार तार के पार फेंका

लेकिन इसी बीच स्काई न्यूज की खबर में जो बताया गया है उसे सुनकर आपका कलेजा कांप जाएगा। न्यूज के मुताबिक देश छोड़ने पर मजबूर अफगानी महिलाएं कल रात उन कांटेदार तार के पार अपने बच्चों को फेंकती हुईं नजर आई, वो सैनिकों से रो-रोकर गुहार लगा रही थीं कि वो उनके बच्चों को बचा लें। वो चिल्ला-चिल्ला कर कह रही थीं कि ‘हेल्प मी, हेल्प मी, तालिबान आ गया है।’

कई बच्चे कांटेदार तार में फंस गए…

इस बीच कई बच्चे कांटेदार तार में फंस गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ब्रिटिश सेना के अधिकारी ने जो स्काई न्यूज को बताया वो काफी रोंगटे खड़े करने वाला हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं रो-रोकर अपने बच्चों को कांटेदार तारों के पार फेंक रही थीं और सैनिकों से उन्हें दूसरी तरफ पकड़ने की गुहार लगा रही थीं। अधिकारी ने कहा कि वो सब बहुत दर्दनाक था। कई बच्चे तो खून से लथपथ हो गए थे।

‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करेंगे’

आपको बता दें कि तालिबान ने कहा है कि वह अफगानिस्तान में खुली और समावेशी इस्लामी सरकार चाहता है, किसी को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन शरिया कानून के तहत महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करेंगे।

‘मैंने अपने देश के लोगों को खूनी जंग से बचाया है’

गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए हैं। ऐसे में उनकी लोग भगोड़ा कहकर काफी आलोचना कर रहे हैं। तीन दिनों तक अज्ञातवास में रहने के बाद कल अशरफ गनी के यूएई में होनी की पुष्टि की और शाम को वह पहली बार दुनिया के सामने आए और कहा कि ‘मैंने अपने देश के लोगों को खूनी जंग से बचाया है। सुरक्षा अधिकारियों की सलाह के बाद देश छोड़ा हूं क्योंकि कोई अनहोनी हो सकती थी,भगोड़ा कहने वाले मेरे बारे में नहीं जानते हैं, मैं शांति से सत्ता सौंपना चाहता था। मैं अफगानिस्तान वापस आऊंगा और अपने देशवासियों को इंसाफ दिलाकर रहूंगा।’

क्या है शरिया कानून?

शरिया मुस्लिम समाज के भीतर रहने के नियमों का एक समूह है, जिससे पूरी दुनिया में इस्ला‍मिक समाज संचालित होता है। सातवीं शताब्दी से पहले अरब में कबीलाई समाज हुआ करता था। लेकिन जब इस्लाम की स्थापना हुई तो कबीलाई समाज भी इस्लाम के नियम मानने लगा था, मोटे तौर पर कह सकते हैं कि कुरान की उल्लेखित रिवाजों को शरिया कहते हैं, जो कि एक मुसलमान की आर्थिक,व्यवाहरिक, सांस्कृतिक जीवन के नियम बनाता है। ये नियम काफी कड़े हैं।

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