West Bengal: ममता ने नौ मंत्रियों के साथ रचा बड़ा चक्रव्यूह, पोस्टर बॉय को भी बनाया मंत्री

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14 महीने के अंदर ममता सरकार का ये दूसरा कैबिनेट का विस्तार है। मंत्रिमंडल में नौ नए मंत्रियों को राज्यपाल एल गणेशन ने राजभवन में शपथ दिलाई। इसमें सात कैबिनेट और दो स्वतंत्र प्रभाव मंत्री बनाए गए हैं।

ममता के नए मंत्रिमंडल में भाजपा छोड़कर टीएमसी में आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को भी जगह दी गई है। एक वक्त था जब पश्चिम बंगाल में बाबुल सुप्रियो भाजपा के पोस्टर बॉय हुआ करते थे। मतलब बंगाल में लगने वाले भाजपा के हर पोस्टर में बाबुल की फोटो जरूर हुआ करती थी। अब वही सुप्रियो ममता सरकार में मंत्री बना दिए गए हैं। अन्य मंत्री भी ऐसे बनाए गए हैं, जिनसे आने वाले दिनों में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

इससे राजनीतिक गलियारे में काफी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। कहा जाने लगा है कि लोकसभा चुनाव के लिए टीएमसी अभी से तैयारी में जुट गई है। नया मंत्रिमंडल इसी तैयारी का एक बड़ा हिस्सा है। आइए समझते हैं कैसे…?

पहले जानिए किन्हें मंत्री बनाया गया

बाबुल सुप्रियो बीरबाहा हंसदा, स्नेहाशीष चक्रबर्ती, बिप्लब रॉय चौधरी, पार्थ भौमिक, उदयन गुहा, प्रदीप मजूमदार, तजमुल हुसैन, सत्यजीत बर्मन

बैंक कर्मचारी से केंद्रीय मंत्री और अब ममता के मंत्री बने बाबुल
बाबुल सुप्रियो यानी सुप्रिया बराल का जन्म 1970 में पश्चिम बंगाल के उत्तर पारा में हुआ। बाबुल ने अपने कॅरियर की शुरुआत एक बैंक कर्मचारी के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में प्लेबैक सिंगर के तौर पर अपनी पहचान बनाई। प्लेबैक सिंगर के तौर पर नाम कमाने के बाद बाबुल ने राजनीति में कदम रखा। योग गुरु बाबा रामदेव के कहने पर वह 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के लिए उन्होंने खूब प्रचार किया।

खुद टीएमसी की कद्दावर नेता डोला सेन को लोकसभा चुनाव में हरा दिया। पहली बार सांसद चुने गए बाबुल को मोदी सरकार में मंत्री पद की जगह दी गई। 2019 में बाबुल ने फिर से टीएमसी की मुनमुन सेन को हराया। फिर बाबुल को केंद्र राज्य मंत्री बनाया गया।

फिर ममता की लहर में हार गए बाबुल
2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बाबुल को पश्चिम बंगाल की राजनीति करने के लिए मैदान में उतारा। उन्हें टॉलीगंज विधानसभा से उम्मीदवार बनाया। पूरे प्रदेश में बाबुल भाजपा के स्टार प्रचारक थे। हर पोस्टर-बैनर में बाबुल की तस्वीर हुआ करती थी। हालांकि, बाबुल विधानसभा चुनाव हार गए।

चुनाव में भाजपा को बुरी हार मिली। इसके बाद बाबुल ने भी भाजपा का साथ छोड़ दिया। वह टीएमसी में शामिल हो गए। इसी साल अप्रैल में हुए उपचुनाव में टीएमसी ने बाबुल को बलीगंज से उम्मीदवार बनाया था। वह जीत भी गए। अब ममता बनर्जी ने उन्हें मंत्री बनाकर इसका इनाम दिया है।

बाबुल को क्यों बनाया मंत्री?
इसे समझने के लिए हमने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार हेमंत दास से संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘बाबुल सुप्रियो को भाजपा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक स्टार बना दिया है। वह उत्तर पारा समेत कई लोकसभा सीटों पर अच्छा प्रभाव रखते हैं। भाजपा की राजनीति से भी बाबुल वाकिफ हैं। ममता बनर्जी इसका इस्तेमाल आने वाले लोकसभा चुनाव में कर सकती हैं। बाबुल भाजपा के पुराने सैनिक रहे हैं और ममता की पूरी कोशिश होगी कि वह बाबुल के जरिए भाजपा पर निशाना साधें।’

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