Emergency Ithiopia: विद्रोहियों ने दो शहरों पर किया कब्जा, सरकार ने कहा, रक्षा के लिए तैयार रहे नागरिक

इथियोपिया ने मंगलवार को आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी और अदीस अबाबा में अधिकारियों ने नागरिकों को राजधानी की रक्षा के लिए तैयार रहने के लिए कहा, क्योंकि टाइग्रे के उत्तरी क्षेत्र के लड़ाकों ने शहर की ओर आने की धमकी दी थी। यह विद्रोही संगठन इथियोपिया के दो प्रमुख शहरों पर कब्जा कर चुका है।

पिछले एक साल से सरकार से लड़ रहे टाइग्रे के कुछ लोग एक अन्य विद्रोही समूह के साथ सेना में शामिल हो गए हैं। लड़ाई की निगरानी कर रहे विदेशी अधिकारियों ने कहा कि इस बात के संकेत मिले हैं कि इथियोपियाई सेना की कई इकाइयाँ ढह गईं या पीछे हट गईं।

जून में विद्रोहियों से हार चुकी है इथियोपियाई सेना
एक साल पहले, 4 नवंबर को पीएम अबी ने उत्तरी टाइग्रे क्षेत्र में एक सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसमें अपने राजनीतिक दुश्मन क्षेत्रीय सत्ताधारी पार्टी, टाइग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट को परास्त करने की उम्मीद थी। लेकिन एक तेज रक्तहीन अभियान का वादा करने के बाद अबी की सेना पीछे हटने लगी।

इसके बाद जून में इथियोपियाई सेना को एक बड़ी हार का सामना करना पड़ा जब उसे टाइग्रे से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा, और उसके कई हजार सैनिकों को बंदी बना लिया गया। अब लड़ाई तेजी से राजधानी की ओर बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री अबी अहमद को 2019 में नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है
प्रधानमंत्री अबी अहमद की इरिट्रिया के साथ 20 साल के गतिरोध को अंत में समाप्त करने के लिए अक्टूबर 2019 में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने से उनकी अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत हुई। लेकिन इथियोपिया के टाइग्रे क्षेत्र में युद्ध के हालात बन गए। जो उनकी किस्मत में एक और निराशाजनक मोड़ था।

आपातकाल लगाने के पहले, अदीस अबाबा में शहर प्रशासन ने नागरिकों से राजधानी की रक्षा के लिए अपने हथियारों का उपयोग करने का आह्वान किया था। एक बयान में कहा गया है कि विद्रोहियों से हमदर्दी रखने वालों की तलाश में घर-घर जाकर तलाशी ली जा रही है।

डेरेजे नाम के एक टैक्सी ड्राइवर से राजधानी में हो रहे तनावपूर्ण माहौल को लेकर सवाल पूछा तो उसने कहा कि वह लड़ाई में शामिल होने का इरादा रखता है। मैं अपने घर में बैठकर दुश्मन की प्रतीक्षा नहीं करूंगा। मैं अपने बच्चों और अपने देश के लिए लड़ूंगा।

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