डॉ ललित चंद्रकांत द्वारा चुनाव लड़ने की घोषणा करते ही शुरू हुआ विरोध, कोली समाज के मुख्य सलाहकार ने कहा, नौकरी छोड़ कर चुनाव लड़ना मूर्खता है

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नाचन निर्वाचन क्षेत्र से संबंध रखने वाले डॉक्टर ललित चन्द्र कांत के कोई भी रिस्तेदार तथा कोली समुदाए के कोई भी लोग नहीं चाहते कि वो नौकरी छोड़कर राजनीति करे। यह कहना गलत है कि नाचन के लोग उनको कह रहे हैं कि आप नौकरी छोड़ो और इलेक्शन लड़ो। जितनी सेवा वो IGMC / हॉस्पिटल में नोकरी के दौरान लोगों की एक स्पेशलिस्ट डॉक्टर होते हुए कर रहे हैं उतनी वो एक विधायक बन कर भी नहीं कर सकते। अभी तक तो टिकट मिलना या ना मिलना किसी को भी पता नहीं है तथा चुनाव जीतना तो अलग बात है?

विनोद कुमार मंडी जिला के नाचन निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के एक मात्र ऐसे विधायक हैं जिन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में अथाह विकास करवाया है तथा वो बहुत ही तेज तटि, मिलनसार तथा दिन रात लोगों के ही बीच में रहने वाले लोकप्रिय, मृदुभाषी व ईमानदार विधायक है। जिन्होंने 2017 का विधान सभा का चुनाव पूरे हिमाचल प्रदेश में सभसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीता था क्या ऐसे विधायक का टिकट काटा जा सकता है? यह भाजपा की बहुत भूल तथा घोट मूर्खता होगी। इस तरह का नीच कार्य कोई मूर्ख आदमी ही कर सकता है। मंडी जिला के अन्य विधायकों के चारे में कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। मेरी समझ में यह नहीं आ रहा है कि डॉक्टर ललित चंद्र कांत किस पार्टी से टिकट लेंगे और फिर विधान सभा का चुनाव लड़ेंगे?

यह कोई पंचायत का इलेक्शन नहीं है कि अपनी मर्जी से इलेक्शन को खड़े हो गए। आजकल तो एक वार्ड मेंबर का इलेक्शन लड़ना भी एक बहुत बड़ा चुनौती भटा होता है। अतः मेरा डॉक्टर ललित चंद्र कांत से निवेदन है कि वो इस बात पर सोच विचार कर लें कि जो लोग उनको इलेक्शन लड़ने के लिये प्रेरित कर रहे हैं उनका अपना भी कोई व जूद है। क्या वो एक पंचायत का इलेक्शन जितने की भी क्षमता रखते हैं कि नहीं। डॉक्टर साहिब को उनके झांसे में नहीं आना चाहिए। क्योंकि वो वही लोग हैं जो डॉक्टर साहिब की इतनी बड़ी कुर्सी को पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वो डॉक्टर साहिब को राजनीति के दल दल में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि डॉक्टर का कैरियर खराब हो जाए और वो आने वाले समय में ऊंचे पदों पर आसीन होने से वंचित हो जाए।

आजकल कोई भी चुना व लड़ना बहुत कठिन कार्य है उसी तरह नौकरी लगना भी बहुत ही मुश्किल कार्य है। आजकल एक पोस्ट के लिये हजारों लोग अप्लाई करते है तथा डॉक्टर साहिब अपनी लाखों रुपयों की नौकरी छोड़कर इलेक्शन लड़ना चाहते है। इसको मूर्खता नहीं तो और क्या कहा जा सकता है। डॉक्टर ललित चंद्र कांत की तरह मंडी जिला के बल्ह निर्वाचन क्षेत्र से महंत राम चौधरी जो कि स्वर्गीय पिरु राम चौधरी के बेटे हैं। उनके ऊपर भी राजनीति का भूत सवार हुआ था। उन्होंने भी अपनी सेशन जज की नौकरी छोड़ी थी और राजनीति में कदम रखा था तथा विधायक बनने के लिए कई पोलिटिकल पार्टियों को बदलते रहे लेकिन उनको कहीं भी कामयाबी नहीं मिली तथा जिस कांग्रेस पार्टी ने चौधरी पिरु राम जी के परिवार को शीर्ष पर पहुंचाया। उस पार्टी के खिलाफ खड़े होकर अपने पूरे परिवार की इज्जत को मिट्टी में मिला दिया और आजकल सभी लोग जानते हैं कि बेचारे सेशन जज की क्या हालत है वो सब के सामने है।

मेरे कहने का मतलब साफ है कि डॉक्टर ललित चंद्र कांत को भी महंत राम चौधरी के आजकल के पोलिटिकल कैरियर से सबक सीखना चाहिए जिस पर डॉक्टर ललित चंद्र कांत को बड़ी ही गहराई से मंथन करने के उपरांत ही अपने भविष्य का फैसला करना चाहिये उसमें ही डॉक्टर ललित चंद्र कांत तथा हम और हमारे समाज की भलाई है।

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