हिमाचल में स्कूलों की हालत बेहद गंभीर, 15,313 स्कूलों में से 12 में शिक्षक नही, 1240 स्कूलों तीन से कम अध्यापक

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हिमाचल प्रदेश के 6106 सरकारी स्कूलों जिसमें 5113 प्राथमिक और 993 माध्यमिक विद्यालयों शामिल हैं, में 20 से कम छात्र हैं। यह खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है। शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 4478 प्राथमिक और 895 मध्य विद्यालयों में छात्रों की संख्या 21-60 के बीच और 681 प्राथमिक और 47 मध्य विद्यालयों में 61 से 100 के बीच है।

राज्य में 18,028 स्कूल हैं जिनमें से 15,313 सरकारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी स्कूलों में 65,973 शिक्षक हैं जिनमें 39,906 पुरुष और 26,257 महिलाएं हैं। हालांकि, 12 प्राथमिक सरकारी स्कूल बिना शिक्षक के चल रहे हैं। जबकि 2,969 में एक शिक्षक, 5,533 में दो शिक्षक और 1,779 में तीन शिक्षक हैं। इसी तरह 51 मध्य विद्यालय को एक, 416 को दो, 773 को तीन और 701 को चार से छह शिक्षक संचालित कर रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम से कम दस कक्षाओं वाले एक माध्यमिक विद्यालय को दो, दस को तीन, 212 को चार से छह और 710 को सात से दस शिक्षकों द्वारा चलाया जा रहा है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी शिक्षकों का अभाव है। 22 स्कूलों में चार से छह, 189 में सात से दस, 684 में 11 से 15 और 981 स्कूलों में 15 से अधिक शिक्षक मौजूद है।

इसके अलावा, रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी स्कूलों में 63,690 कमरे होने के बावजूद सात प्राथमिक विद्यालय बिना कमरों के हैं। एक कमरे में 338, दो कमरों में 2,495, तीन कमरों में 4,111 और सात से दस कमरों में 3,402 प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं। वहीं, तीन मध्य विद्यालय बिना कमरे के हैं, 216 में केवल एक कमरा, 241 में दो कमरे, 1,111 में तीन कमरे और 352 में चार से छह कमरे हैं।

रिपोर्ट पर शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा, ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए राज्य में स्कूल खोले गए हैं। अधिनियम के अनुसार, स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए 1.5 किमी के भीतर एक प्राथमिक विद्यालय होना चाहिए लेकिन पहाड़ी राज्य की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) और टोपोग्राफी (स्थलाकृति) की वजह से छात्रों की संख्या कम है लेकिन फिर भी उन्हें पढ़ाया जा रहा है। हालांकि शिक्षकों की कमी एक बड़ा मसला है।’

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