सऊदी अरब में अब तक का सबसे बड़ा कानूनी सुधार, 2 जनवरी 2022 से लागू होंगे ये नए कानून

United Arab Emirates Introduces Law Reforms: सऊदी अरब ने अब तक का सबसे बड़ा कानूनी सुधार किया है. कानूनी सिस्टम को और ज्यादा विकसित करने के लिए सऊदी अरब ने अपने मौजूदा कानूनों में बदलाव किए हैं. इनमें फेक न्यूज, ऑनलाइन क्राइम और शराब के सेवन व बिक्री से संबंधित कानून शामिल हैं. ये नए कानूनी सुधार 2 जनवरी 2022 से लागू हो जाएंगे.

सऊदी अरब: दुनिया में सऊदी अरब (Saudi Arab) के कानून को बड़ा सख्त माना जाता है लेकिन अब यहां इतिहास का सबसे बड़ा कानूनी सुधार हुआ है. सऊदी अरब ने अपने कानून में बदलाव किए हैं ताकि कानूनी सिस्टम को और विकसित किया जा सके. यूएई के प्रेसिडेंट शेख खलीफा बिन जायेद अल नहयान ने इन कानूनी सुधारों को मंजूरी दे दी है, जिससे आर्थिक और व्यावसायिक अवसरों में मजबूती, सामाजिक स्थिरता में बढ़ोतरी आएगी और व्यक्तिगत व संस्थागत अधिकारों को सुनिश्चित किया जा सकेगा. ये नए कानून 2 जनवरी 2022 से लागू हो जाएंगे.

इन कानूनी सुधारों में सबसे अहम प्रावधान यह है कि यह कानून किसी भी व्यक्ति पर लागू होगा जो सऊदी अरब के किसी नागरिक की पूर्वनियोजित हत्या करता है या इसमें शामिल होता है. चाहे अपराध देश के बाहर ही क्यों न हुआ हो. इसके अलावा इन कानूनों के जरिए ऑनलाइन अपराधों पर लगाम लगाई जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर गलत खबरें, अफवाहों को रोकना और व्यक्तिगत निजता व अधिकारों को संरक्षण दिया जाएगा.

क्या कहते हैं सऊदी के नए कानून?इन कानूनी सुधारों में फेक न्यूज और गलत खबरों को लेकर विभिन्न प्रावधान शामिल हैं. इसके तहत कानून कोर्ट को डिवाइस, सॉफ्टवेयर और कंटेंट को जब्त करने की शक्ति देता है. इसमें ऑनलाइनगलत और भ्रामक विज्ञापन व प्रमोशन के बारे में कार्रवाई का अधिकार है. इसके अलावा गैरकानूनी तरीके से क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में ट्रेडिंग और मेडिकल प्रॉडक्ट्स व सप्लीमेंट से संबंधित कानून भी शामिल हैं.

नए कानूनों में सार्वजनिक स्थानों या अनाधिकृत स्थानों पर एल्कोहल का सेवन गैरकानूनी माना जाएगा. साथ ही 21 वर्ष से कम आयु वाले लोगों के द्वारा शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

सऊदी अरब में स्थानीय और प्रांतीय स्तरों पर चर्चा के बाद इन नए कानून को लाया गया है. इन कानूनों को तैयार करने के लिए पिछले 5 महीनों में 50 प्रांतीय और लोकल अथॉरिटी में कामकरने वाले 540 विशेषज्ञों और विद्वानों की राय ली गई है.

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