यूक्रेन में पाषाण काल जैसे हालात, 1 करोड़ लोग बिना बिजली और पानी जीने पर मजबूर

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यूक्रेन पर रूस के हमले के करीब 10 महीने बीत चुके हैं और अब तक युद्ध थमने का कोई संकेत नहीं मिला है। इस बीच य़ूक्रेन में ऊर्जा के संकट ने सर्दियों का सितम बढ़ा दिया है और लोगों का जीना मुहाल हो रहा है।

घर से बाहर निकलने पर रूस की मिसाइलों के हमले का डर है और अंदर रहने पर बिजली एवं पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। राजधानी कीव की बहुमंजिला इमारतों में पानी की सप्लाई बंद है। बिजली नहीं आ रही है और यदि आ भी जाए तो कुछ देर ही टिकती है। इस तरह यूक्रेन के कीव समेत ज्यादातर शहरों में बिजली और पानी की सप्लाई का संकट खड़ा हो गया है। कीव में रहने वाली अनासतासिया पिरोझेंको ने कहा कि रूसी हमलों से ऐसे हालात हैं कि जैसे हम पाषाणयुग में जी रहे हैं।

वह कहती हैं कि मैं 26 मंजिला इमारत में रहती हूं और बीते 24 घंटे में सिर्फ 30 मिनट तक ही बिजली रही। उन्होंने कहा कि हम अपनी जिंदगी की सबसे खराब सर्दियों की ओर बढ़ रहे हैं। मंगलवार को रूस ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर मिसाइल अटैक किए हैं। उसके बाद से ही कीव समेत कई शहरों में बिजली की सप्लाई प्रभावित हुई है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि 1 करोड़ से ज्यादा लोग यूक्रेन में अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। यूक्रेन की सरकारी बिजली कंपनी यूक्रेनेरगो ने कहा कि संकट गहरा है और बिजली की सप्लाई में कटौती करनी पड़ रही है।

सर्दियों में चौक-चौराहों पर लगेंगे अलाव, बिजली का भरोसा नहीं

कीव में अब सर्दियां शुरू हो गई हैं और बर्फबारी भी होने लगी है। ऐसे में कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए यूक्रेन के लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए यूक्रेन सरकार सामुदायिक रूप से हीटींग पॉइंट बनाने जा रही हैं। यहां जाकर लोग अलाव सेंक सकेंगे ताकि सर्दियों से बचाव हो सके। इसके अलावा फोन चार्जिंग की भी व्यवस्था ऐसी ही की जाएगी। 30 लाख की आबादी वाले कीव शहर में कुल 528 इमरजेंसी पॉइंट बनाए गए हैं। यही नहीं बहुत से लोग खान के पैकेट, फ्लैशलाइट और पावर बैंक डोनेट कर रहे हैं ताकि परेशानी में मदद मिल सके। बिजली की कमी से पब्लिक ट्रांसपोर्ट की गति थमी है। छोटे मेडिकल संस्थानों में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है।

पोलैंड भी डरा, सीमा पर तैनात कर दी जर्मन मिसाइल

इस बीच यूक्रेन और रूस के पड़ोसी देश पोलैंड ने भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। पिछले दिनों एक मिसाइल पोलैंड में जाकर गिरी थी, जिसमें दो लोग मारे गए थे। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पोलैंड ने अपनी सीमा पर जर्मनी की पैट्रियट मिसाइल को तैनात करने का फैसला लिया है। बता दें कि पोलैंड में जो मिसाइल गिरी थी, उसे लेकर रूस पर आरोप लगा था। हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि रूसी हमले से बचाव के लिए यूक्रेन ने मिसाइल दागी थी, जो पोलैंड के इलाके में जाकर गिरी।

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