Sanyukt Kisan Manch: संयुक्त किसान मंच का ऐलान, सचिवालय और विधानसभा का होगा घेराव

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संयुक्त किसान मंच ने आरोप लगाया है कि बागवानी पर घिरे संकट के बीच राहत न देकर सरकार कोरी घोषणाएं कर बागवानों पर शर्तें थोप रही है। मंच के संयोजक हरीश चौहान और संजय चौहान ने कहा कि जीएसटी में छूट के लिए एफिडेविट मांगे जा रहे हैं।

28 जुलाई की बैठक में मुख्यमंत्री ने संयुक्त किसान मंच की मांगों को जायज ठहराया था। वादा किया था कि मुख्य सचिव की कमेटी में बागवान प्रतिनिधि भी शामिल किए जाएंगे, लेकिन अब बागवानों को इससे बाहर रखा है। कहा कि 5 अगस्त को संजौली से सचिवालय तक आक्रोश रैली निकलेगी। मांगें नहीं मानी तो निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे, विधानसभा घेराव भी होगा और दिल्ली की तरह लंबा मोर्चा खोलेंगे। उपचुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी सरकार को परिणाम भुगतना होगा। 1987 और 1990 की तर्ज पर एतिहासिक आंदोलन होगा।

हरीश चौहान ने कहा कि मांगों को लेकर पीएमओ को तीन बार पत्र लिखा, सिर्फ एक बार जवाब आया कि विचार कर रहे हैं। डबल इंजन की सरकार सै उम्मीद थी लेकिन निराशा ही हाथ लगी। सेब उत्पादक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सोहन ठाकुर ने कहा कि एपीएमसी के भ्रष्टाचार को सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। बागवानों से अवैध तौर पर मार्केट फीस वसूली जा रही है और अदानी और अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों का सेब बिना फीस चुकाए बाहर जा रहा है। प्रेसवार्ता के दौरान प्लम ग्रोवर एसोसिएशन के दीपक सिंघा, पीजीए से कैलाश मांटा, प्रताप चौहान, सतीश, चमन और केहर सिंह मौजूद रहे।

सरकार की घोषणाएं और सच्चाई
कार्टन पर छह फीसदी जीएसटी छूट का एलान पर एचपीएमसी अभी 75.35 रुपये में बेच रहा है कार्टन। कीटनाशकों पर अनुदान बहाल करने की घोषणा तब हुई जब सीजन खत्म होने को है। निजी कंपनियों के रेट तय करने को कमेटी बनाने का दावा पर इस सीजन में राहत मिलेगी यह साफ नहीं। एमआईएस के लिए 8 करोड़ जारी करने की घोषणा पर हिमफेड और एचपीएमसी को नहीं मिला पैसा बागवानी बोर्ड बनाने का दावा पर सामने नहीं रखा। बागवानों को तुरंत राहत के लिए एमआईएस के तहत कश्मीर की तर्ज पर सेब खरीद शुरू करने और सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी करने की मांग पर सरकार मौन है।

संयुक्त किसान मंच के प्रदर्शन को कांग्रेस, आप का समर्थन किसानों और बागवानों के हित में संघर्ष कर रहे संयुक्त किसान मंच को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का साथ मिल गया है। मंगलवार को जुब्बल-कोटखाई से कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर ने कहा कि संयुक्त किसान मंच के आंदोलन को हमारा समर्थन रहेगा। दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर लोग संयुक्त किसान मंच के साथ जुडे़ हैं। मेरी सभी किसान बागवानों से अपील है कि पांच अगस्त के कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर शामिल हों। सभी किसान- बागवान हैं, यह हमारी आर्थिकी से जुड़ा सवाल है, राजनीति का सवाल नही है। उधर कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि पार्टी किसान बागवानों के साथ है। सेब बागवान संकट के दौर से गुजर रहे हैं। संयुक्त किसान मंच आंदोलन कर रहा है लेकिन फिर भी सरकार की लापरवाही की नींद नहीं टूट रही। कांग्रेस भी अपने स्तर पर किसान बागवानों की आवाज उठा रही है। हर वह संगठन जो किसान बागवानों की आवाज बन रहा है कांग्रेस पार्टी उसके साथ है।

5 अगस्त के संयुक्त किसान मंच के आंदोलन को भी कांग्रेसी पार्टी समर्थन देगी। उधर, आम आदमी पार्टी ने भी 5 अगस्त के प्रदर्शन को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। आम आदमी पार्टी किसान विंग के प्रदेशाध्यक्ष अनिंदर सिंह नॉटी ने बताया कि दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान भी पार्टी ने पूरा समर्थन दिया था। भाजपा सरकार ने बागवानों पर भारी भरकम जीएसटी का बोझ डाल दिया है। एपीएमसी एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। खाद, बीज दवाई उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। आम आदमी पार्टी ने हमेशा किसान बागवानों के हित के लिए आवाज उठाई है। सरकार झूठे आश्वासन देकर बागवानों को गुमराह कर रही है। आम आदमी पार्टी के सभी पदाधिकारी और वालंटियर इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अपना पूर्ण सहयोग देंगे।

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