गूगल के पूर्व कर्मचारी की चेतावनी: ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम पर भगवान बना रहे रिसर्चस

अमरीका की मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल के पूर्व एक्जीक्यूटिव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर चेतावनी दी है। गूगल के मूनशॉट ऑर्गेनाइजेशन के चीफ बिजनेस ऑफिसर रहे मो गावदत ने कहा कि इस तकनीक से इनसानों का महत्त्व कम होता जा रहा है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानवता के लिए एक बड़ा खतरा बन रहा है। गूगल के मूनशॉट ऑर्गेनाइजेशन को तब गूगल एक्स के नाम से जाना जाता था। एक इंटरव्यू में मो गावदत ने कहा कि मेरा मानना है कि दि टर्मिनेटर से स्काईनेट जैसी साइंस फिक्शन मूवी में दिखाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक सीमा तक ही सही है। अगर इसका उपयोग ज्यादा बड़े स्तर पर किया गया तो यह मानवता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

हम खुद को ईश्वरीय मशीनों के हवाले नहीं कर सकते हैं। गावदत ने बताया कि गूगल एक्स में एआई डेवलपर्स के साथ काम करते हुए उन्हें कई डराने वाली जानकारियां भी मिली। उन्होंने कहा कि वहां काम करने वाले रिसर्चर्स एक छोटी गेंद को खोजने और उठाने में सक्षम रोबोटिक हाथ का निर्माण कर रहे थे। गावदत ने कहा कि उस रोबोटिक हाथ ने रिसर्चर के इशारा करते ही उस गेंद को पकड़ लिया। ऐसा लग रहा था कि वह मन को पढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा देखकर अचानक मुझे डर का अहसास हुआ और मैं एकदम हक्का-बक्का रह गया। वास्तविकता यह है कि ये रिसर्चर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम पर भगवान बना रहे हैं। गूगल बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इससे यूजर्स को कई तरह के प्रॉडक्ट को इस्तेमाल करने में सहूलियत भी मिलेगी।

error: Content is protected !!