राजभवन में शपथ समारोह को तैयारियां पूर्ण, लेकिन पार्टी तय नहीं कर पा रही मंत्रियों के नाम, जानें कहां फंसा पेच

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कांग्रेस को सत्ता में आए हुए 25 दिन का समय बीत चुका है. अब तक सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) अपनी कैबिनेट (Himachal Cabinet) का गठन नहीं कर पाए हैं. काफी जद्दोजहद के बाद भी कैबिनेट में किसे शामिल किया जाए, यह तय नहीं हो पाया है.

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार के बाद अब शनिवार सुबह सुखविंदर सिंह सुक्खू केसी वेणुगोपाल के घर पहुंचे हैं. इससे पहले, जानकारी के अनुसार, शुक्रवार के बाद अब शनिवार सुबह सुखविंदर सिंह सुक्खू केसी वेणुगोपाल के घर पहुंचे हैं. इससे पहले, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शुक्रवार को दिल्ली (Delhi) में दिन भर बैठकों का दौर चला. इस दौरान सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला, राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और मुकुल वासनिक से मीटिंग की. लेकिन अब तक मंत्रिमंडल को लेकर सहमति नहीं बन गया है. इसी वजह से सीएम सुक्खू शुक्रवार को प्रदेश नहीं लौट सके. अब शनिवार को उनके दिल्ली से शिमला लौटने की संभावना है. अब मंत्रियों के शपथ समारोह को लेकर संशय बना हुआ है.

विधानसभा का शीतसत्र शुक्रवार शाम को स्थगित हो गया है औऱ कांग्रेस विधायक शिमला लौट आए हैं. वहीं, राजभवन में शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियां हो चुकी हैं. राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने भी राज्य से बाहर जाना था, लेकिन उन्होंने एक दिन बाद 8 जनवरी को जाने का फैसला किया है. ऐसे में माना जा रहा था कि रविवार को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है, लेकिन अब संशय बना हुआ है. अहम बात है कि 12 जनवरी तक राज्यपाल गोवा दौरे पर रहेंगे और ऐसे में फिर मंत्रीमंडल लोहड़ी के बाद ही बनने की संभावना है.

क्यों फंस रहा है पेच

शिमला, कांगड़ा और सोलन जिला से मंत्री बनाने को लेकर आम सहमति नहीं बन पा रही है. शिमला से विक्रमादित्य सिंह, अनिरुद्ध सिंह, रोहित ठाकुर, कुलदीप राठौर जैसे विधायक कैबिनेट रेस में हैं. वहीं, कांगड़ा में चंद्र कुमार, सुधीर शर्मा, रघुबीर सिंह बाली भी मंत्री पद चाह रहे हैं. यहीं पर पेच फंसा हुआ है.

10 पदों के लिए रेस

वहीं, जिला सिरमौर से शिलाई से हर्षवर्द्धन चौहान, किन्नौर से जगत सिंह नेगी, बिलासपुर से राजेश धर्माणी और कुल्लू से सुंदर ठाकुर मंत्रीपद की रेस में हैं. उधर, हिमाचल के इतिहास में छठी बार मंत्रिमंडल में किसी महिला को मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिलेगी, क्योंकि कांग्रेस की तरफ से कोई भी महिला विधायक जीत कर नहीं आई है. गौलतब है कि कैबिनेट में दस पदों पर मंत्रियों की तैनाती होनी है.

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