साइबर क्राइम से निपटने वाले पुलिस अधिकारियों को मिलेगा विशिष्ट बैज; संजय कुंडू

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राज्य के पुलिस प्रमुख संजय कुंडू ने कहा कि साइबर क्राइम से निपटने वाले राज्य के पुलिस अधिकारियों को विशिष्ट पहचान के बैज से सम्मानित किया जाएगा। यह बैज देने से पहले युवा पुलिस अधिकारियों को साइबर क्राइम के केस सुलझाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

साइबर क्राइम पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बुधवार को साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेटर बैज लांच किया है। साइबर क्राइम के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को साल में दो बार यह बैज प्रदान किए जाएंगे। यह देश के सभी राज्यों के पुलिस बलों के बीच अपनी तरह की पहली पहल होगी।

डीजीपी कुंडू ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराध में तेजी से वृद्धि हुई है। हर दिन कई लोग साइबर अपराध के शिकार होते हैं। पारंपरिक अपराध के विपरीत साइबर अपराध के मामलों की जांच के लिए विशेष कौशल और ज्ञान की आवश्यकता होती है। साइबर अपराध के मामलों की जांच करने को आधुनिक कंप्यूटर संसाधनों के साथ-साथ लंबे समय की आवश्यकता होती है।

साथ ही साइबर क्राइम के केस सुलझाने बाहरी राज्यों में पुलिस अधिकारियों को जोखिम उठकर जांच करने को जाना पड़ता है। इस सब बातों को ध्यान में रखकर साइबर अपराध के केस सुलझाने वाले अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही देश के सभी पुलिस बलों को साइबर अपराध के मामले सुलझाने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

साइबर क्राइम की जांच के लिए इनाम की नई योजना
डीजीपी ने कहा कि साइबर क्राइम की जांच के लिए इनाम की यह नई योजना है। यह इनाम राज्य के उन युवा पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करेंगे, जो साइबर अपराध जांच में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। यह उन्हें साइबर अपराध के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए प्रेरित करेंगे। एक मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी तैयार की गई है। इसका उद्देश्य साइबर अपराध और जघन्य अपराध की जांच पर फोकस, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण रहेगा।

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