सिंगापुर: साइबर हमले में 80 हजार लोगों की निजी जानकारियां लीक, भारत के कई निजी बैंकों के ग्राहक भी हुए शिकार

सिंगापुर में साइबर हमले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में मोबाइल नेटवर्क सेवा देने वाली कंपनी माय रिपब्लिक ने बताया कि सिंगापुर में उसके करीब 80 हजार ग्राहकों का डेटा हैकरों ने चुरा लिया है। कंपनी की तरफ से बताया गया कि साइबर हमले की जानकारी बीते माह 29 अगस्त को सामने आई थी। 

भुगतान आदि से जुड़ी सेवाओं पर पर असर नहीं
असल में यह साइबर हमलों की सीरीज में से सबसे बड़ा हमला था। ग्राहकों का जो डेटा चोरी हुआ है उसमें ज्यादातर फाइलें पहचान सत्यापन दस्तावेजों की स्कैन की हुई प्रतियां हैं। इसके अलावा ग्राहकों के नेशनल रेजिस्ट्रेशन आईडेंटिटी नंबर, घर के पते आदि की जानकारी भी हैकरों के हाथ लगी है। कंपनी का कहना है कि अभी तक उसकी जानकारी के मुताबिक ग्राहकों के भुगतान आदि से जुड़ी सेवाओं पर हमले का कोई असर नहीं हुआ है और न इनसे संबंधित कोई डेटा हैकरों के हाथ लगा है।

डेटा प्रोटेक्शन कमीशन को मामले की जानकारी दी
कंपनी के सीईओ मेल्कम रोड्रिगो ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सिंगापुर के इन्फोकॉम मीडिया डेवलपमेंट अथॉरिटी व पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कमीशन को मामले की जानकारी दे दी थी। इसके अलावा माय रिपब्लिक कंपनी ने अपनी साइबर इन्सिडेंट रेस्पॉन्स टीम के साथ ही बाहरी विशेषज्ञों जैसे केपीएमजी से मामले के निपटारे के लिए मदद ली गई थी। 

असल में 19 अगस्त को द बिजनेस टाइम्स ने खबर दी थी कि सिंगापुर स्थित टेक कंपनी पाइन लैब्स रैन्समवेयर हमले की शिकार हुई है। हैकरों ने पाइन लैब और इससे जुड़े कई भारतीय बैंकों के निजी दस्तावजों को चुरा लिया है। पाइन लैब एक भुगतान प्लेटफार्म है, जिसे सिंगापुर के वैश्विक निवेश का प्रबंधन करने वाली कंपनी टेमासेक की मदद से चलाया जा रहा है। कंपनी ने बताया कि 25 अगस्त को एक आई क्लीनिक के 73,500 मरीज रैन्समवेयर हमले के शिकार हुए। वहीं, इससे पहले टोक्यो मरीन इन्स्योरेंस सिंगापुर भी रैन्समवेयर हमले का शिकार हुई थी।

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