जनरल आसिम मुनीर बने पाकिस्तान आर्मी के चीफ, पीएम शाहबाज शरीफ ने की घोषणा

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Pakistan Army Chief: पाकिस्तान को अपना नया आर्मी चीफ मिल गया है. जनरल आसिम मुनीर (Gen Asim Muneer) पाकिस्तान के नए सेना अध्यक्ष होंगे. पीएम शहबाज शरीफ ने उनके नाम का एलान किया. पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ की रेस में कई बड़े नाम शामिल थे. जिसके बाद जनरल मुनीर को ये बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. जनरल मुनीर को खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक बदनाम नाम माना जाता है. मुनीर जनरल बाजवा की जगह लेंगे.

कौन हैं जनरल आसिम मुनीर
फ्रंटियर फोर्स रेजीमेंट के जनरल मुनीर सबसे सीनियर थ्री स्‍टार जनरल हैं. जनरल बाजवा के बाद वो सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं. जनरल मुनीर इससे पहले सेना में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं. मुनीर को जनरल बाजवा का सबसे करीबी माना जाता है. उन्हें अक्टूबर 2018 में इंटेलीजेंस चीफ बनाया गया था. हालांकि सिर्फ 8 महीने के बाद ही उन्हें इस पद से हटा दिया गया. इसके पीछे तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान को जिम्मेदार बताया गया. उनके ही इशारों पर जनरल आसिम को हटाया गया.

बताया गया कि जनरल मुनीर ने पंजाब प्रांत में खराब हो रहे हालातों को लेकर आवाज उठाई थी और इमरान खान को कई बार इसके लिए टोका था. इसके बाद से ही वो इमरान की नजरों में खटकने लगे. बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया.

पाकिस्तान सरकार को मिले थे ये नाम
पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख की नियुक्ति को लेकर काफी समय से अनिश्चितता जारी थी. पाकिस्तान सरकार को जनरल कमर जावेद बाजवा की जगह लेने के लिए कई वरिष्ठ जनरल के नाम मिले थे. लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा (कमांडर 10 कोर), लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास (चीफ ऑफ जनरल स्टाफ), लेफ्टिनेंट जनरल नोमान महमूद (राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष), लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद (कमांडर बहावलपुर कोर) और लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आमिर (कमांडर गुजरांवाला कोर) के नाम आर्मी चीफ के लिए भेजे गए थे.

बता दें कि जनरल बाजवा (61) तीन साल के विस्तार के बाद 29 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं. उन्होंने सेवा में और विस्तार से इनकार कर दिया था. जिसके बाद नए आर्मी चीफ की नियुक्ति हुई. पाकिस्तान में सीजेसीएस सशस्त्र बलों में सर्वोच्च पद है, लेकिन सैनिकों की लामबंदी, नियुक्तियों और स्थानांतरण सहित प्रमुख शक्तियां थल सेनाध्यक्ष के पास होती हैं. इसलिए फौज में सेना प्रमुख को सबसे शक्तिशाली माना जाता है. पाकिस्तान में फौज काफी ताकतवार मानी जाती है. पाकिस्तान को अस्तित्व में आए 75 साल हुए हैं और मुल्क पर आधे से ज्यादा वक्त सेना का शासन रहा है. सुरक्षा और विदेश नीति में फौज का काफी दखल रहता है.

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