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Saturday, February 4, 2023
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सुखविंदर सरकार के नए फैसले: अध्यादेश जारी कर निरस्त किए नगर निगम शिमला के 7 नए वार्ड

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सुखविंदर सरकार ने पूर्व जयराम सरकार का एक और फैसला बदल दिया है. शिमला नगर निगम में 7 वार्डों को निरस्त कर दिया गया है. अब शिमला नगर निगम में वापस 34 वार्ड ही रह गए हैं. राज्यपाल ने इसको लेकर अध्यादेश जारी कर दिया है.

प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने शिमला नगर निगम के नए बनाए 7 वार्डों को रद्द कर दिया है. हिमाचल की पूर्व जयराम सरकार ने नगर निगम चुनावों से पहले 7 नए वार्ड बनाए थे. सरकार के फैसले के बाद अब सरकार ने इन वार्डों को रद्द कर अपने शिमला नगर निगम के वार्डों की संख्या पूर्व की तरह 34 रखी गई है. इस बारे में राज्यपाल की ओर से अध्यादेश जारी किया गया है. इस तरह अब नगर निगम के वार्डों की संख्या 41 की जगह फिर से 34 रहेगी.

वापस हो गए 34 वार्ड: नगर निगम चुनाव से पहले जयराम सरकार ने शिमला नगर निगम के 7 नए वार्ड बनाए थे. इनमें शांकली, लोअर खलीणी, लोअर विकासनगर, ब्रोकहास्ट, कुसुंपटी-2, ढींगूधार, लोअर कृष्णा नगर नया वार्ड शामिल हैं. लेकिन सरकार ने अध्यादेश लागू कर इन वार्डों को रद्द कर दिया है, इस तरह अब पहले की तरह ही 34 वार्ड शिमला के होंगे. इस अध्यादेश के लागू होने के बाद शिमला के 34 वार्डों में आरक्षण का रोस्टर नए सिरे से बनेगा. सभी वार्डों की वोटर लिस्ट को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा. ऐसे में शिमला नगर निगम चुनाव में अभी और समय लग सकता है.

वार्डों के पुनर्सीमांकन को लेकर हो गया था विवाद: नगर निगम शिमला के पहले 34 वार्ड थे, लेकिन पूर्व की प्रदेश सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर बाद में 41 कर दी थी, मगर नए बनाए गए वार्डों के पुर्नगठन को लेकर विवाद हो गया. नाभा वार्ड की पार्षद सिमी नंदा और पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर ने नगर निगम शिमला के वार्डों के पुनर्गठन को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी. इस तरह पहले यह मामला हाईकोर्ट में रहा और उसके बाद यह सुप्रीम कोर्ट भी गया.

नगर निगम का कार्यकाल 18 जून 2022 को पूरा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया शुरू करने के लिए इन वार्डों की मतदाता सूचियों को अपडेट करने का काम शुरू कर दिया था, लेकिन अब सरकार के अध्यादेश लागू करने के बाद अब प्रक्रिया भी बंद हो जाएगी. उल्लेखनीय है कि शिमला नगर निगम का कार्यकाल 18 जून 2022 को पूरा हो गया है.

नए सिरे से आरक्षण का रोस्टर तैयार होगा: मामला कोर्ट में जाने की वजह से राज्य चुनाव आयोग चुनाव नहीं करवा पाया. नगर निगम चुनाव के लिए 6 महीने का समय ऊपर हो गया है. ऐसे राज्य सरकार ने उपायुक्त को निगम का प्रशासक नियुक्त कर रखा है. अध्यादेश लागू करने के बाद अब नगर निगम के चुनाव 34 वार्डों के ही करवाए जाएंगे. चुनाव आयोग वार्डों के लिए नए सिरे से आरक्षण का रोस्टर तैयार करेगा. इसके बाद ही चुनाव हो सकेंगे.

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