हिमाचल विधानसभा में मानसून सत्र होगा हंगामेदार, गूंजेंगे आम जनता से संबंधित 367 प्रश्न

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सड़कों की स्थिति, कानून-व्यवस्था, कर्मचारियों से जुड़े व अन्य मुद्दे गूंजेंगे। विपक्ष ने खनन, पेयजल व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों को सदन में उठाने की भी तैयारी कर ली है। विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के विधायकों से भी अपने क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं को लेकर कई सवाल पूछे जा रहे हैं। राज्य विधानसभा सचिवालय को 367 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। प्रश्न भेजने की अंतिम तिथि 29 जुलाई निर्धारित की गई थी।

राज्य विधानसभा का मानसून सत्र 10 से 13 अगस्त तक चार दिन के लिए चलेगा। विधानसभा चुनाव से पहले यह छोटा सत्र होगा, मगर इसमें विधायकों की ओर से विभिन्न मुद्दे उठाए जाएंगे। प्रदेश विधानसभा सचिवालय को जानकारी मिली है कि रविवार तक विधायकोें की ओर से 367 सवाल किए गए थे। इनमें से 238 तारांकित और 129 अतारांकित प्रश्न किए गए हैं। इनके अलावा नियम 130 में चार सूचनाएं और नियम 101 में एक गैर सरकारी सदस्य संकल्प का विधानसभा सचिवालय को एक नोटिस मिला है। विधायक संबंधित मंत्रियों से जवाब मांगेंगे। इन उत्तरों को तैयार करने के लिए विभागों को लिखा जा चुका है।

सत्र के हंगामेदार होने के आसार
तीन महीने के बाद हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्षी कांग्रेस पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा पर आक्रामक रुख में नजर आएगी। चार दिन के इस सत्र में विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित कर गतिरोध पैदा कर सकता है। अन्य मसलों पर भी विरोध के स्वर मुखर कर सकता है।

सदन में यह रहेगा मंत्रियों के प्रश्नोत्तर का क्रम
मुख्यमंत्री, जल शक्ति मंत्री, शहरी विकास मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, तकनीकी शिक्षा मंत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री, उद्योग मंत्री, शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ऊर्जा मंत्री, वन मंत्री और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री।

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