मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल, घायल दिव्यांग युवक को अपनी गाड़ी में भिजवाया हॉस्पिटल, जानें पूरा मामला

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हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह (Cabinet Minister Vikramaditya Singh) ने मानवता की मिसाल पेश की है.

विक्रमादित्य सिंह ने हादसे में बुरी तरह से घायल एक दिव्यांग युवक को अस्पताल पहुंचाया. घटना राजधानी शिमला (Shimla) के 103 स्टेशन के पास की है. जब बस में सवार बुरी तरह से लहुलुहान एक दिव्यांग युवक एंबुलेंस के इंतजार में कराह रहा था. वहां से गुजर रहे विक्रमादित्य सिंह ने अपने काफिले में शामिल एक गाड़ी से युवक को तुरंत आईजीएमसी (IGMC) पुहंचाया और उसके उचित उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन को फोन भी किया.

विक्रमादित्य सिंह के मीडिया का कार्य देख रहे चंदन चौहान ने बताया कि शनिवार शाम को करीब साढ़े 4 बजे कैबिनेट मंत्री शोघी से सचिवालय की तरफ जा रहे थे. 103 के पास जैसे ही सड़क पर मजमा लगा देखा तो अपना काफिला रोक दिया और घटना के बारे में जानकारी हासिल की और तुरंत अपने काफिले में चल रही एक गाड़ी में घायल युवक को बिठाया और आईजीएमसी भेजा. काफिले में साथ चल रहे समरहिल सांगटी के रहने वाले बिक्रम ठाकुर की गाड़ी में युवक को आईजीएमसी भेजा. उनके वहां से जाते ही विक्रमादित्य सिंह ने आईजीएमसी प्रशासन को फोन भी किए.

बस के शीशे से युवक के सिर में लगी चोट

चंदन ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दिव्यांग युवक बस में सवार था. बस शिमला के ओल्ड बस स्टेंड से टुटू की तरफ जा रही थी. 103 के पास सामने से अचानक तेज गति से बाइक आ रही थी, बाइक सवार को बचाने के लिए बस चालक ने जोर से ब्रेक दबाई. जोर से ब्रेक लगने के चलते बस की सीट पर बैठा युवक को धक्का लगा और वो उछलकर जोर से बस के शीशे से जा टकराया. टक्कर इतनी जोर से हुई कि बस का शीशा टूट गया और दिव्यांग के सिर पर गंभीर चोट लग गई. दिव्यांग के सिर से खून बह रहा था और मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बस की सीट पर ही लेटा दिया और एंबुलेंस को फोन किया. जितने में एंबूलेंस पहुंचती उस से पहले कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह पहुंच गए थे. चंदन ने बताया कि युवक चक्कर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और उसका एक बाजू कटा हुआ है. आईजीएमसी के डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है.

मंदिर से लौट रहे थे विक्रमादित्य सिंह

बताते चलें कि कैबिनेट मंत्री शनिवार सुबह तारा देवी मंदिर दर्शनों के लिए गए थे और उसके बाद शोघी के समीप पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की. बैठक के बाद जब विक्रमादित्य सिंह सचिवालय लौट रहे थे, उस वक्त ये वाक्या पेश आया.

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