Mandi News: पूछ रही सुंदरनगर की आवाम, क्यों घास पर बर्बाद कर रहे जनधन का 25 लाख

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सुंदरनगर। पिछले दिनों जवाहर पार्क मेला ग्राउंड में 25 लाख की लागत से घास बिछाने का कार्य शुरू करवाते ही विवादो में आ गया है। सोशल मीडिया सहित सुंदरनगर की आवाम इस कार्य पर सवाल उठाते हुए इसे फिजूल खर्च व पैसे की बर्बादी बता रही है। प्रोफेसर विनोद शर्मा का कहना है कि यह घास जो बिछाई जा रही है, यदि इसकी जगह ग्राउंड की बाड़बंदी कर प्राकृतिक तौर पर घास उगाई जाती तो वह ज्यादा बेहतर व गुणकारी होती। वही लाखो रूपए की बचत भी होती।

सोनिया शर्मा, जसवाल अक्तज, लव्ज रावत, अरविंद ठाकुर ,अश्वनी शर्मा , वीरपाल राजपूत,आर एल चौहान, लवनीश ठाकुर, संजय चौहान, निशांत ठाकुर, विक्रम ठाकुर व राहुल कपूर का कहना है कि तीन माह उपरांत सुंदरनगर के इस इतहासिक ग्रांउड में नलवाड़ व देवता मेला आयोजित होंगे। यहां पर सैकड़ो व्यापारी दुकानें लगाएंगे, झूले, प्रदर्शनीय लगने के साथ खेल कूद प्रतियोगिताएं होंगी और लाखो लोग यहां शिरकत करेंगे। जिससे यह घास पूर्णतया बर्बाद हो जाएगी, इसे लगाने का ओचित्य ही नही है।

यहां बता दें कि गत रोज शनिवार को उपमंडलाधिकारी (ना०)सुंदरनगर धर्मेश रामोत्रा ने इस ग्राउंड का निरीक्षण किया था और उनका कहना था कि जवाहर पार्क को संवारने के लिए सुंदरनगर प्रशासन की ओर से एक पहल की जा रही है। जिसमें जवाहर पार्क में हरी घास लगाने का कार्य प्रगति पर है और इस कार्य को नगर परिषद करवा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस कार्य को सही ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। वही जब इस सबंध में कुछ पार्षदों से बात की गई तो उनका कहना था कि यह कार्य जबरदस्ती नगरपरिषद पर थोपा गया है।

जवाहर पार्क में घास लगाने का कार्य नगर परिषद द्वारा करवाया जा रहा है इसके लागत मूल्य की जानकारी नहीं है। -धर्मेश रामोत्रा,एसडीएम सुंदरनगर

तकरीबन 25 लाख रूपए जवाहर पार्क में घास लगाने पर खर्च किए जा रहे है कार्य प्रगति पर है। -करण भरमोरिया,कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सुंदरनगर

यदि इस जनधन के 25 लाख का सराज में स्तिथ मनरेगा पार्क की तर्ज पर शुकदेव वाटिका को विकसित करने में उपयोग होता तो बेहतर होता। जवाहर पार्क में घास बिछाने का कार्य जब तक पूरा होगा तो उस दौरान यहां मेले शुरू हो जाएंगे। जिसके चलते यह पैसा व घास पूर्णत बर्बाद हो जाएगी। इस दुरुपयोग की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए कि किसके द्वारा और किसको फायदा पहुंचाने को यह कार्य करवाया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।
-अश्वनी सैनी,सामाजिक कार्यकर्ता

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