मनाली लेह मार्ग 15 घंटे के बंद के बाद हुआ बहाल, भूस्खलन से सड़क पर गिरी थी चट्टाने

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मनाली (कुल्लू)। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण मनाली-लेह नेशनल हाईवे मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक यातायात के लिए बंद रहा। नेहरूकुंड के समीप मंगलवार रात करीब 9:30 बजे पहाड़ी दरकने के कारण बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गई।

परिणामस्वरूप इस मार्ग पर करीब 15 घंटे तक यातायात पूर्ण रूप से बंद रहा। बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे मार्ग पर गिरी चट्टानों को हटाकर एकतरफा यातायात बहाल किया गया। यातायात बंद होने के कारण लेह की ओर जा रहे सेना के सैकड़ों वाहन फंस गए। खाद्य सामग्री व अन्य सामान लेकर जा रहे ट्रक भी आगे नहीं बढ़ पाए। हजारों छोटे-बड़े वाहनों की लंबी लाइन लग गई। नेहरूकुंड से बाहंग तक और दूसरी ओर पलचान तक वाहनों की लाइनें लगी रही।

लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले नेहरूकुंड के समीप कैंची मोड़ पर पहाड़ी दरक गई। बड़ी चट्टान टूटकर सड़क पर आ गई। इससे मनाली-लेह नेशनल हाईवे तीन पर यातायात पूर्ण रूप से ठप हो गया। हालांकि सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और रात को ही सड़क बहाल करने का कार्य शुरू किया गया। पहाड़ी से पत्थर गिरने का क्रम जारी रहने के कारण सड़क बहाली का कार्य रोकना पड़ा। सुबह मौसम खुलने के बाद बीआरओ की टीम फिर मौके पर पहुंची और यातायात बहाल करने में जुट गई।

जेसीबी व अन्य मशीनरियों की मदद से दोपहर करीब 12:30 बजे यह मार्ग एक तरफा यातायात के लिए बहाल किया गया। मौके पर पुलिस के जवान तैनात किए गए है। यहां से वाहनों को बारी-बारी जाने की अनुमति दी जा रही है। उधर, प्रशासन ने बरसात के मौसम में संभलकर यात्रा करने की अपील की है।

उपमंडलाधिकारी मनाली डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि मंगलवार रात को पहाड़ी दरकने से मनाली-लेह मार्ग पर यातायात बंद हो गया था। बुधवार दोपहर को यह मार्ग वाहनों के लिए खोल दिया गया है। बड़ी-बड़ी चट्टानें होने के कारण फिलहाल एक तरफ से ही वाहन चल सकते हैं। यहां पर पुलिस जवानों की ओर से बारी-बारी से वाहन छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने के कारण छोटे वाहनों को नेहरूकुंड से वाया बुरुआ होकर भेजा गया।

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