मलेशिया में राजनीतिक संकट, बहुमत नही मिलने पर प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा

मलेशिया (Malaysia) के प्रधानमंत्री मुहयिद्दीन यासीन (Muhyiddin Yassin) ने सोमवार को अपने कार्यकाल के 18 महीने से भी कम समय में इस्तीफा (Resign) दे दिया. सरकार चलाने के लिए पर्याप्त बहुमत हासिल नहीं करने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया है. इस तरह वह देश के सबसे कम समय तक शासन चलाने वाले नेता बन गए हैं. मुहयिद्दीन यासीन ने सोमवार को मलेशिया के नरेश (King of Malaysia) को इस्तीफा सौंप दिया. इससे पहले उन्होंने यह स्वीकार किया था कि शासन करने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन उन्हें हासिल नहीं है.

विज्ञान मंत्री खैरी जमालुद्दीन (Khairy Jamaluddin) ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘मंत्रिमंडल ने नरेश को इस्तीफा सौंप दिया है.’ उप खेल मंत्री वान अहमद फैहसाल वान अहमद कमाल ने भी एक फेसबुक संदेश में मुहयिद्दीन को उनकी सेवा और नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया.

इससे पहले यासीन सोमवार को मलेशिया नरेश से मिलने राजमहल पहुंचे थे. इसके तुरंत बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. यासीन ने 18 महीने से भी कम समय पहले पद संभाला था. पहले से वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (Coronavirus) से जूझ रहे देश में अब राजनीतिक संकट भी खड़ा हो गया है.

कोरोना से ठीक तरह से नहीं निपटने को लेकर हुई सरकार की आलोचना

मुहयिद्दीन यासीन के इस्तीफे के बाद नेताओं ने शीर्ष पद के लिए संघर्ष की शुरुआत कर दी है. डिप्टी पीएम इस्माइल साबरी ने यासीन की जगह लेने और सरकार को बरकरार रखने के लिए समर्थन दिया है. यासीन का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है, जब कोरोना महामारी से ठीक तरह से नहीं निपटने को लेकर उनकी सरकार की आलोचना की जा रही है. मलेशिया में दुनियाभर में सबसे अधिक संक्रमण दर और मृत्यु दर है. सात महीने के आपातकाल और जून से लागू लॉकडाउन के बाद भी इस महीने हर दिन कोरोना के 20 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. इससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर खासा दबाव पड़ा है.

शाम तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं यासीन

स्थानीय मीडिया ने कहा कि मुहयिद्दीन यासीन के आने से पहले राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख, चुनाव आयोग के अध्यक्ष और अटॉर्नी-जनरल को भी सोमवार को राजमहल में बुलाया गया. यासीन ने सोमवार को अपने कार्यालय में कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने महल के गेट पर पत्रकारों की ओर हाथ हिलाया और फिर 40 मिनट बाद लौट गए. माना जा रहा है कि शाम तक यासीन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं. उनकी सरकार के पास शुरू से ही संसद में मार्जिन भर ही बहुमत था. ये तभी गिर गई थी, जब दर्जनभर सांसदों ने उनकी सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.

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