Malarial Fever: मलेरिया बुखार दिमाग और किडनी को भी कर सकता है खराब, जाने क्या है बुखार के लक्षण

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देश की राजधानी दिल्ली समेत कई इलाकों में डेंगू बुखार और मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं. डेंगू वैसे तो एक सामान्य बुखार की तरह ही होता है और इससे मरीज कुछ दिन में रिकवर भी हो जाता है, लेकिन अगर शरीर में प्लेटलेट्स कम होने लगे तो डेंगू जानलेवा भी बन जाता है

डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच इससे बचाव भी किया जा रहा है और लोग सावधानी बरत रहे हैं, हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू के बीच मलेरिया से भी बचना जरूरी है. ये भी एक घातक बीमारी और समय पर इलाज न मिलने से जानलेवा भी साबित हो सकती है.

ऐसे में जरूरी है कि लोगों को मलेरिया के लक्षण और इलाज के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. मलेरिया के लक्षणों की बात करें तो इसमें शरीर में बुखार एक दिन छोड़ के आता है. कभी बुखार बढ़ जाता है और कम भी होता है. इसमें ठंड के साथ फीवर आता है और अधिकतम तीन घंटे तक रहता है. इसके बाद 24 घंटे बाद फिर से बुखार आता है.

समय पर मलेरिया का इलाज न करने से इसके लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं. फीवरदिमाग में चला जाता है और ब्रेन के फंक्शन पर असर डालता है. कई मामलों मेंकिडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है. इस स्थिति में मरीज की मौत भी हो सकती है, हालांकि ऐसे केस काफी कम देखे जाते हैं

बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले

डॉ. सुभाष ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं. अक्टूबर तक डेंगू के मामले सामने आते हैं. इस मौसम में डेंगू और मलेरिया दोनों से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग घर में सफाई का ध्यान रखें. कूलर या गमलों में पानी जमा न होने दें. पूरी बाजू के कपड़े पहने और रात में मच्छर दानी का प्रयोग करें. अगर किसी को बुखार हो रहा है और दो दिन से ज्यादा समय हो गया है तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं. अगर डेंगू या मलेरिया की पुष्टि होती है तो डॉक्टर की सलाह के हिसाब से इलाज करें

डॉक्टर ने बताया कि डेंगू का बुखार होने पर कुछ मामलों में प्लेटलेट्स कम होने लगती है. अगर प्लेटलेट्स 10 हजार से कम हो जाएं तो इससे डेंगू के लक्षण काफी गंभीर हो जाते हैं. कई बार इंटरलन ब्लीडिंग भी हो जाती है. इस स्थिति में मरीज की हालत गंभीर बन बन जाती है.आमतौर पर 25 हजार से कम प्लेटलेट्स होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती किया जाता है. इस दौरान मरीज को लिक्विड डाइट पर रखते हैं.

डेंगू या मलेरिया होने पर घरेलू उपायों पर न दें ध्यान

वरिष्ठ फिजिशयन डॉ. कवलजीत सिंह ने बताया कि डेंगू या मलेरिया का बुखार होने पर कई बार लोग घरेलू नुस्खों के चक्कर में पड़ जाते हैं. इस वजह से समय पर मरीज को इलाज नहीं मिल पाता है और कई बार स्थिति गंभीर भी हो जाती है. ऐसे में जरूरी है कि लोग इन बुखार के होने पर डॉक्टरों की सलाह के हिसाब से ही इलाज कराएं

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