नेताओं को विजय जुलूस निकालना पड़ेगा भारी, ढोल, नगाड़े से लेकर मिठाइयों तक का खर्चा जुड़ेगा

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विधानसभा चुनाव जीतने के बाद खुशी में धूम धड़ाका करना इस बारे नेताओं को महंगा पड़ेगा। विजयी जुलूस में बजने वाले ढोल, नगाड़े और बैंड तक का खर्चा नेताओं की जेब से निकलेगा।

जलेबी, लड्डू और अन्य मिठाई बांटी तो उसका खर्च भी नेताओं के खाते में जाएगा। यही नहीं गले में मालाएं डलवाईं तो उसके भी प्रति माला के हिसाब से पैसे नेता के चुनावी खर्च में जुड़ेंगे। विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के खर्च का लेखा-जोखा मतगणना के दिन तक जोड़ा जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी आदित्य नेगी ने बताया कि 8 दिसंबर को मतगणना होगी और उम्मीदवार विजय जुलूस निकालते हैं तो यह खर्च भी उनके खाते में जुड़ेगा। कहा कि सहायक व्यय प्रेक्षक और अन्य टीमें मतगणना से एक दिन पूर्व ड्यूटी पर तैनात रहेंगी तथा विजय जुलूस के खर्च पर निगरानी रखेंगी।

निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद अलग-अलग वस्तुओं के दाम पहले से ही निर्धारित कर रखे हैं। इसके हिसाब से व्यय का आकलन किया जाएगा। झंडे, बैनर और गाड़ी का खर्च भी उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जाएगा। जिले के सभी आठ विस क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से मतगणना के लिए तैयारियां करने के निर्देश दिए।

प्रति ढोली एक हजार रुपये खर्चा जुड़ेगा
नेताओं के विजय जुलूस में बैंड और ढोली बुलाए जाते हैं तो प्रति ढोली 1000 रुपये खर्चा जोड़ा जाएगा। यही दरें नगाड़ा और बैंड बजाने वाले के लिए तय रहेंगी। विजयी जुलूस जितना शानदार होगा उतना ही खर्चा नेता की जेब से निकलेगा।

नेता जी को फूल मालाओं के भी देने होंगे पैसे
विजयी जुलूस के दौरान नेताओं के गले में लटकने वाली मालाओं के भी इस बार दाम तय कर रखे हैं। प्रति फूलमाला के दाम 35 से 70 रुपये तय कर रखे हैं। नेता के गले में जितनी मालाएं पहनाई जाएंगी उतने ही पैसे उनके खाते में जोड़े जाएंगे।

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