अलकायदा पर जो बाइडेन ने बोला सफेद झूठ, पेंटागन ने खोली राष्ट्रपति की पोल

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का बचाव करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में दावा किया कि अमेरिका ने अलकायदा को खत्म कर दिया है और इसके साथ ही अफगानिस्तान के अंदर अमेरिका का ‘काम’ पूरा हो गया है, इसीलिए अमेरिकी फौज अफगानिस्तान से वापस आई है।

जो बाइडेन ने कहा कि, हम अफगानिस्तान इसलिए गये थे, ताकि अल कायदा से हमें छुटकारा मिल सके और ओसामा बिन लादेन को पकड़ सकें…अमेरिका का ये उद्येश्य पूरा हो चुका है, इसीलिए अब अफगानिस्तान में रूकने का कोई मतलब नहीं था। लेकिन, क्या जो बाइडेन का ये दावा सही है?

बाइडेन के बयान का फैक्ट चेक

जो बाइडेन ने जो अलकायदा के अफगानिस्तान से खत्म होने का दावा किया है, वो झूठा है और बाइडेन ने झूठ बोला है, इसकी पुष्टि खुद बाइडेन प्रशासन ने ही कर दी है। जो बाइडेन की टिप्पणी के बाद पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने संवाददाताओं से कहा कि, “हम जानते हैं कि अल कायदा अभी भी अफगानिस्तान में मौजूद है, अलकायदा के साथ साथ आईएसआईएस भी अफगानिस्तान में सक्रिय है, और हमने इस बारे में काफी समय से बात की है।” आपको बता दें कि, जो बाइडेन ने पहले के भाषणों में कहा था कि अफगानिस्तान में अलकायदा को काफी कम कर दिया गया है और उसकी उपस्थिति काफी कम हो गई है, 20 सालों में अमेरिकी फौज ने अलकायदा को काफी कमजोर कर दिया है, लेकिन अब बाइडेन ने अपने पहले दिए गये बयानों से साफ यू-टर्न ले लिया और कहा कि अलकायदा अब अफगानिस्तान में पूरी तरह से खत्म हो चुका है और जो बाइडेन का ये दावा पूरी तरह से गलत है।

बाइडेन ने बोला ‘सफेद झूठ’

अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर नजर रखने वाली एक संस्था सौफन सेंटर के सीनियर रिसर्च फेलो कॉलिन क्लार्क ने कहा कि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की टिप्पणी “बिल्कुल झूठी” हैं। उन्होंने कहा कि, क्या ये अचानक उनके मुंह से निकल गया। क्लार्क ने कहा कि, इस बारे में कोई वास्तविक बहस नहीं है कि अल कायदा अभी भी अफगानिस्तान में कितना मजबूत है और आप इसपर भी बहस कर सकते हैं कि अलकायदा में कितने आतंकी इस वक्त मौजूद हैं। संयुक्त राष्ट्र ने जून में रिपोर्ट दी थी कि, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों की जानकारी के अनुसार, अल कायदा “कम से कम 15 अफगान प्रांतों में, खासकर पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में अलकायदा की काफी मौजूदगी है”। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि, अल कायदा के पास अभी भी कम से कम 500 से ज्यादा आतंकी मौजूद हैं।

कितना मजबूत है अलकायदा

यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट के मुताबिक ये साफ नहीं कहा जा सकता है कि अलकायदा में कितने लोग अभी भी मौजूद हैं, लेकिन यूनाइटेड नेशंस ये भी मानता है कि अलकायदा के आतंकी अफगानिस्तान के अलावा बाहरी देशों में भी मौजूद हैं। यूनाइटेड नेशंस की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ अफगानिस्तान में अल कायदा के सदस्यों की संख्या 400 से 600 के बीच हो सकता है। जो बाइडेन के बयान के बाद पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि ”हमारा मानना है कि अलकायदा की जो उपस्थिति है, वो अब ऐसी नहीं है कि अमेरिका के लिए खतरा पैदा हो सके, जैसा कि 9/11 में हुआ था।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ”अलकायदा के पास कितने लड़ाके हैं, इसका अनुमान हमारे पास नहीं है, लेकिन हां, वो खतरनाक अभी भी है”

अलकायदा पर अमेरिका और यूएन

तालिबान के साथ ट्रम्प प्रशासन के फरवरी 2020 के शांति समझौते किया था, जिसमें एक शर्त ये है कि तालिबान किसी भी तरह से अलकायदा से संबंध नहीं रखेगा, लेकिन सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने इस शर्त को कब का तोड़ दिया। जून में जारी संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, “तालिबान और अल-कायदा काफी करीब से जुड़े हुए हैं और संबंधों को तोड़ने का कोई संकेत नहीं हैं। सदस्य राज्यों ने इस रिश्ते में कोई भौतिक परिवर्तन की रिपोर्ट नहीं की है, जिससे पता चल सके कि दोनों संगठन एक दूसरे से पूरी तरह अलग हो चुके हैं, असल में दोनों संगठन पहले भी एक दूसरे के सहयोगी थे और उनका संबंध वक्त के साथ और मजबूत ही हुआ है।” इसके साथ ही यूनाइटेड नेशंस ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया महाद्वीप में अलकायदा, आईएसआईएस और तालिबान जैसे आतंकी संगठन इस कदर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, कि इनका अलग अलग होना ‘असंभव’ है।

error: Content is protected !!