भारत ने इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का किया सफल परीक्षण, जानें क्या है खासियतें

0
7

भारत ने ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (Abdul Kalam Island, Odisha) से परमाणु सक्षम इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) अग्नि -3 का बुधवार का सफल प्रशिक्षण लॉन्च किया। यह सामरिक बल कमांड, रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित नियमित उपयोगकर्ता प्रशिक्षण लॉन्च के हिस्से के रूप में किया गया।यह पहले से तय सीमा के लिए किया गया था और इस दौरान सिस्टम के सभी आपरेशनल पैरामीटर को लागू किया गया था।

48 टन वजन 16 मीटर लंबी मिसाइल, की रेंज 3000 किमी से अधिक है

रक्षा मंत्रालय के एक बयान में बताया गया कि लॉन्च एक पूर्व निर्धारित सीमा के लिए किया गया था और सिस्टम के सभी आपरेशनल पैरामीटर को जांचा गया था। 48 टन वजन 16 मीटर लंबी मिसाइल, की रेंज 3000 किलोमीटर से अधिक है और यह 1.5 टन से अधिक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। सूत्रों ने कहा कि समुद्र में तैनात कई राडारों, टेलीमेट्री ऑब्जर्वेशन स्टेशनों, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक उपकरणों और नौसेना के जहाजों द्वारा फ्लाइट ट्रेजेक्टरी को ट्रैक किया गया।

दो चरणों वाली सालिड प्रोपेल्ड पॉवर वाली आईआरबीएम (IRBM) सामरिक बल कमान के आपरेशनल दायरे में है, जो भारत के परमाणु कमांड प्राधिकरण का हिस्सा है और इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है।

पहली बार परीक्षण 2006 में किया गया था

अग्नि-3 का पहला विकास परीक्षण जुलाई 2006 में किया गया था, लेकिन यह उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं दे सका। बाद में अप्रैल 2007 में इसका सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया। तब से इस प्रणाली का कई बार सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है। अग्नि -3 का परीक्षण भारत की सामरिक महत्व की परमाणु पनडुब्बी, आईएनएस अरिहंत के एक महीने बाद किया गया है, जिसने एक सबमेरिन लांच्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) का सफल प्रक्षेपण किया।

यह भारत की जवाबी क्षमता का प्रतीक है

एसएलबीएम (SLBM) लॉन्च के बाद, रक्षा मंत्रालय (MoD) ने कहा था: “यह लॉन्च चालक दल की योग्यता (crew competency) साबित करने और एसएसबीएन कार्यक्रम (SSBN programme) को प्रमाणित करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो भारत की परमाणु निवारक क्षमता (nuclear deterrence capability) का एक प्रमुख तत्व है। भारत की ‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध (Credible Minimum Deterrence)’ की नीति को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत, उत्तरजीविता (survivable) और सुनिश्चित जवाबी क्षमता (assured retaliatory capability) है, जो इसकी ‘नो फर्स्ट यूज (No First Use)’ प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

समाचार पर आपकी राय: