हिमाचल में कांग्रेस को 14 विधानसभा क्षेत्रों में भीतरघात का डर, जानें कौन से है यह हल्के

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शिमला। हिमाचल में विधानसभा चुनावों के बाद सभी को नतीजों का इंतजार है। कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह आश्वत है। बावजूद इसके पार्टी को 14 विधानसभा हल्कों में भीतरघात का डर सता रहा है।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने मतदान के बाद सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की थी। कुछ स्थानों से कांग्रेस के प्रत्याशियों ने अपने नेताओं की पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के विरूद्ध चुनाव में काम करने की शिकायत की है। पार्टी को अब भीतरघात का डर सता रहा है। खासकर 14 विस हल्कों में जहां पर नैक टू नैक फाइट यानि कड़ा मुकाबला है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने पार्टी के आला नेताओं के साथ बैठक कर उनकी राय जानी थी। दो रोज पूर्व हुई वर्चुअल बैठक में भी कई नई चीजें सामने आने के बाद उन्होंने दोबारा फील्ड से पूरी रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी बड़ी सर्जरी की तैयारी में है। यानि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ करने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके निर्देश भी दे दिए गए हैं।

इन विधानसभा हल्कों में सता रहा सबसे ज्यादा डर

कांग्रेस ने इस बार टिकट वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती थी। यही कारण था कि कांग्रेस में पूर्व की भांति टिकट वितरण को लेकर विद्रोह नजर नहीं आया। बावजूद इसके ठियोग, चौपाल, आनी, शिमला शहरी, पच्छाद, सरकाघाट, किन्नौर, सुलह, अर्की, कुटलेहड़, हमीरपुर, सराज, नाचन, रामपुर सहित कुछेक अन्य सीटों पर भीतरघात का डर सता रहा है। कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों के दौरान ही 20 के करीब नेताओं को निष्कासित किया था। तीन नेताओं को बीते रोज ही निष्कासित किया है। ये सराज विधानसभा क्षेत्र के हैं।

युवा कांग्रेस ने पहले दिखाए थे बागी तेवर

हिमाचल में युवा कांग्रेस कोटे से इस बार किसी को भी टिकट नहीं मिला है। टिकट न मिलने से नाराज युवा कांग्रेस नेताओं ने पहले ही बगावती तेवर दिखा कर प्रचार से दूरी बनाई थी। हालांकि प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने युवा कांग्रेस नेताओं से बैठक कर उन्हें मनाया था। जिसके बाद युवा कांग्रेस पदाधिकारी प्रचार के लिए माने थे। लेकिन यह नाराजगी कितनी दूर हुई इसका असल पता चुनावी नतिजों के बाद ही लगेगा।

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