HP Assembly Election: किन्नौर में गुटबाजी के चलते मुश्किल में भाजपा, जाने कौन कौन है टिकट के दावेदार

0
77

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों में सभी राजनीतिक दल अपनी अलग रणनीति के अनुसार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं.

भाजपा को पूरी उम्मीद है कि हिमाचल प्रदेश में वह फिर से चुनाव जीतकर सत्ता पर कब्जा बरकरार रखेगी, वहीं दूसरी तरफ चार दशकों से चले आ रहे पुराने मिथक के हिसाब से कांग्रेस भी सत्ता मिलने की पूरी उम्मीद जता रही है. उधर पंजाब में जीत मिलने से उत्साहित आम आदमी पार्टी भी जोश से भरी हुई है, हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों में अब चुनाव प्रचार में तेजी देखी जा रही है. राज्य की हर विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस मंथन में जुटे हैं ताकि बेहतर उम्मीदवार का चुनाव किया जा सके. हालांकि कुछ सीटें ऐसी हैं जिन पर कई दावेदार हैं, इन्हींं में किन्नौर सीट भी शामिल हैं, इस सीट पर टिकट को लेकर भाजपा के सामने मुश्किल है.भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस बार कई पुराने टिकट कटेंगे और नए मजबूत प्रत्याशियों को मौका मिलेगा.

गुटबाजी के चलते हारी थी बीजेपी

2017 विधानसभा चुनाव में किन्नौर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी तेजवंत सिंह नेगी मात्र 120 मत से चुनाव हार गए थे. इस हार के पीछे गुटबाजी बड़ा कारण रहा है. हिमाचल की किन्नौर सीट पर चुनाव को लेकर लंबे समय से गुटबाजी है, जिसका खामियाजा 2017 में पार्टी को भुगतना पड़ा था. इसीलिए इस बार बीजेपी को चुनाव से पहले गुटबाजी को खत्म करना होगा, नहीं तो फिर इसका खामियाजा भी उठाना पड़ सकता है.

किन्नौर सीट के लिए टिकट के ये हैं दावेदार

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर विधानसभा सीट के लिए भाजपा के सामने कई दावेदार हैं ऐसे सही प्रत्याशी का चयन करना बीजेपी के लिए काफी मुश्किल है. अब तक आधा दर्जन दावेदार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं…

सूरत नेगी– हिमाचल में जयराम ठाकुर के करीबी माने जाने वाले सूरत नेगी भी इस सीट के लिए दावेदार हैं. वर्तमान में वह सरकार के अंदर वन निगम के उपाध्यक्ष पद पर तैनात हैं. सूरत नेगी छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हैं. वहीं चुनावी सीट के लिए भाजपा के प्रत्याशी के रूप में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

तेजवंत सिंह– किन्नौर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक तेजवंत सिंह नेगी पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के काफी करीबी रहे हैं. भाजपा संगठन में अनेकों पदों पर भी रहे, वर्तमान में जिला परिषद के सदस्य हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार जगत सिंह नेगी से मात्र 120 मतों से चुनाव हार गए थे, इसलिए इस बार तेजवंत सिंह नेगी का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में लिया जा रहा है.

विजय नेगी– किन्नौर विधानसभा सीट में विजय नेगी का नाम भी खूब लिया जा रहा है. इस सीट से टिकट के दावेदार के रूप में विजय नेगी मुहिम चला रहे हैं.

नरेंद्र नेगी– किन्नौर में संगठन के महामंत्री पद पर नरेंद्र सिंह नेगी रह चुके हैं. नरेंद्र नेगी छात्र समय के दौरान से ही भाजपा से जुड़े हुए हैं.

राजपाल नेगी– किन्नौर विधानसभा सीट पर राजपाल नेगी पूर्व में भाजपा के महामंत्री रहे हैं. वे भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के कई पदों पर रह चुके हैं. पंचायती राज चुनाव में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई थी. वर्तमान में राजपाल नेगी भाजपा संगठन से नाखुश हैं . वहीं चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में है.

समाचार पर आपकी राय: